बगीचा/जशपुर।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा “औघड़ की तकिया” बगीचा द्वारा मानव सेवा की एक सराहनीय पहल की गई। समूह द्वारा देशभर में संचालित 19 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार, 27 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत रोकड़ा में द्वितीय चरण का कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परम् पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं परम् पूज्य गुरुपद संभव राम जी के तेल चित्र पर माल्यार्पण, धूप-दीप, पूजन, आरती एवं जयकारों के साथ हुआ। इसके पश्चात श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा बगीचा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने समूह द्वारा संचालित 19 सूत्रीय कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी उपस्थितजनों को दी और सेवा, सहयोग व सामाजिक दायित्व के महत्व को रेखांकित किया।
इसके बाद कंबल वितरण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें ग्राम रोकड़ा एवं महादेव जोबला क्षेत्र में निवासरत गरीब व असहाय पहाड़ी कोरवा समुदाय के महिला एवं पुरुषों के बीच द्वितीय चरण में 150 कंबलों के साथ-साथ स्वच्छ किए गए पुराने वस्त्रों का वितरण किया गया। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती रही।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 17 दिसंबर 2025 को श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा बगीचा के महिला संगठन द्वारा प्रथम चरण में बिरहोर जनजाति के बीच 110 कंबलों का वितरण किया गया था। इस प्रकार वर्ष 2025 में अब तक समूह शाखा बगीचा द्वारा कुल 260 कंबलों का वितरण कर जरूरतमंदों को ठंड से राहत पहुंचाई जा चुकी है।
इस सेवा कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा बगीचा के उपाध्यक्ष श्री शंकर प्रसाद गुप्ता, मंत्री भगवान राम गुप्ता, कोषाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, संयुक्त मंत्री अवधूत गुप्ता, लेखा परीक्षक तरुण सिंह, रामजीवन शर्मा, राजेंद्र कृष्ण गुप्ता, नंदलाल गुप्ता, पवन अग्रवाल, दुर्गेश शर्मा, अमृत यादव सहित समूह के महिला संगठन की श्रीमती सुप्रिया गुप्ता, संतोष शर्मा, नीलावती देवी, शकुंतला सिंह, दोनों सुनीता गुप्ता, सुनावती यदुवंशी, प्रमिला गुप्ता एवं राधा गुप्ता की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम पंचायत रोकड़ा के सरपंच, उपसरपंच मंगरू राम एवं ग्रामवासियों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। अंत में परम् पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं परम् पूज्य गुरुपद संभव राम जी के तेल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि सामाजिक संगठनों की संवेदनशीलता और सेवा भाव से समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाई जा सकती है।







