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सवालों के घेरे में सरकार का प्रशासनिक सर्जरी,कलेक्टर और एसडीएम पर कार्रवाई,डीपीएम को मिला अभयदान?

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जशपुर नगर, द प्राइम न्यूज नेटवर्क। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के दिव्यांग केंद्र में हुई दिव्यांग बच्चियों से दुष्कर्म,छेड़छाड़ और मारपीट की शर्मनाक,अमानवीय घटना के बाद प्रदेश सरकार ने,जशपुर जिले के इतिहास की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। कलेक्टर महादेव कावरे को हटा कर,जल संसाधन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। डिप्टी कलेक्टर रेंक के अधिकारियों में आर एन पांडे,एसडीएम रेंक के अधिकारियों में चेतन साहू,रवि राही,ज्योति बबली कुजूर पर तबादले की गाज गिरी है। लेकिन, शासन ने अब तक,प्रदेश को झकझोर कर रख देने वाले इस प्रकरण में दिव्यांग केंद्र के संचालन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि सबसे अधिक नाराजगी डीएमसी को लेकर जताई जा रही है। कलेक्टर महादेव कावरे के तबादले से डीएमसी विनोद पैंकरा को शो काज नोटिस दिए जाने से जोड़ कर भी देखा जा रहा। भाजपा का आरोप रहा है कि कांग्रेस का एक धड़ा,डीएमसी को बचाने के लिए ताकत झोंके हुए है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से जनमानस में सवाल उठ रहा है कि कलेक्टर महादेव कावरे को कहीं,डीएमसी को कारण बताओ नोटिस देना ही तो भारी नहीं पड़ गया? मजेदार बात है कि पत्थलगांव के एसडीएम चेतन साहू और कुनकुरी के एसडीएम रवि राही का तबादला आदेश पहले ही जारी हो चुका था। सवाल है कि उन्हें अब तक क्यों रोके रखा गया? फिर एक ही दिन में में अफसरों को क्यों रवाना किया गया? अब जिले में बचे रह गए अफसरों के पास दो तहसीलों की जिम्मेदारी है। क्या यह सुशासन के लिए है?

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Author: The prime news

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