
जशपुर द प्राइम न्यूज़ नेटवर्क : बादल खोल अभ्यारण्य में चल रही अवैध कटाई और अभयारण्य के भीतर बन रहे सड़को की गुणवत्ता सहित अन्य विभन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय जनजातीय सुरक्षा मंच का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन विगत दिवस रेंज कार्यालय नारायणपुर के सामने किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा,
धरना को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने कहा कि बादल खोल अभयारण्य कभी नक्सलवाद का अड्डा था ,जहां आये दिन जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को बंधक बनाया जाता था ,लेकिन जशपुर के जनता एकजुट होकर अभ्यारण्य को जशपुर के हित मे सुरक्षित की थी ,लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वन विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से अभयारण्य पेड़ो के ठूंठ के रूप में रह गया है ,यहां 20 वर्षो से एक जो कर्मचारी पदस्थ हैं उन्हें अगर जल्दी नही हटाया गया तो जिले के एकमात्र अभयारण्य को बचा पाना मुश्किल होगा ।भगत ने कहा कि जल जंगल जमीन आदिवासियों की पहचान है और इनसे हम किसी भी हालत में समझौता नही करेंगे ।
धरना को सम्बोधित करते हुए मंच के विधिक सलाहकार रामप्रकाश पांडेय अधिवक्ता ने कहा कि बादल खोल अभ्यारण्य जशपुर का फेफड़ा है और जब तक अभ्यारण्य सुरक्षित है जशपुर सुरक्षित है लेकिन कुछ उद्योगपति स्थानीय नेताओं और अधिकारियों से मिली भगत कर जशपुर के पर्यावरण को नष्ट करना चाहते हैं ,लेकिन हम ऐसा होने नही देंगे।उन्होंने यह भी कहा कि जशपुर जिला पांचवी अनुसची में शामिल है क्योंकि यहां 60 प्रतिशत से भी अधिक जनजातिय समाज निवास करता है ,और यह इसलिए हे क्योकि यहां के जल जंगल जमीन सुरक्षित है जिस दिन यहां के जल जंगल जमीन नष्ट हुए उस दिन न केवल पर्यावरण को बल्कि जनजातिय समाज के लिए भी खतरा उतपन्न हो जाएगा इसलिए सबको मिलकर जशपुर के जल जंगल जमीन की रक्षा करनी होगी।
इस अवसर पर जिला पँचायत सदस्य रीना बरला,लालदेव राम भगत सहित चन्द्रदेव यादव ने भी सम्बोधित किया ।सभा का संचालन मंच के प्रदेश अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह ने किया। धरना में प्रमुख रूप से शिव यादव,संजू बंग,राकेश गुप्ता, विनोद भगत,करुणा भगत ,सन्तन यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
