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धर्म संस्कृति : AKS की महत्वाकांक्षी पर्यावरण जागरूकता अभियान का हुआ भव्य शुभारंभ,अर्चना गोस्वामी की सुरीली स्वर का शहर में बिखरा जादू,जुटी ऐतेहासिक भीड़,व्यवस्था बनाएं रखने पुलिस और स्वयंसेवकों ने बहाया पसीना,,

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जशपुर शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन के प्रांगण में चल रहे अक्स गरबा महोत्सव के दूसरे दिन पड़ोसी राज्य झारखंड से आई प्रसिद्व गायिका अर्चना गोस्वामी की सुरली आवाज में भक्ति संगीत प्रतिभागी बिना थके और रूके देर रात तक झूमते-थिरकते रहे। म्यूजिक रियलीटी शो सूर संग्राम की रनर अप रही अर्चना ने श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में गाना शुरू किया,प्रतिभागियों के साथ स्त्रोता भी मंत्र मुग्ध हो कर झूमने लगे। गरबा नृत्य का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।

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गीत और संगीत का असली आनंद शास्त्रीय संगीत में: अर्चना गोस्वामी » The Prime News 24

गीत और संगीत का असली आनंद शास्त्रीय संगीत में: अर्चना गोस्वामी

आयोजक समिति आकार कला संगम (अक्स) के अध्यक्ष अभिषेक शर्मा (गप्पू) ने बताया कि समिति के निर्णय के अनुसार गरबा महोत्सव में सिर्फ भक्ति संगीत की प्रस्तुती दी जा रही है। उन्होनें बताया कि प्रतिभागियों और आने वाले दर्शकों की सुरक्षा के लिए समिति की ओर से दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरा आयोजन स्थल पर लगाएं गए हैं। इसके साथ ही पुलिस के जवान और समिति के स्वयंसेवक भी आयोजन स्थल की निगरानी कर रहें हैं। गरबा महोत्सव के दूसरे दिन शहर और आसपास के ग्रामीण अंचल से सैकड़ों की संख्या में लोग जुट थे। आयोजन स्थल पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भजन गायिका अर्चना गोस्वामी के आयोजन स्थल पहुंचने पर समिति के पदाधिकारियों व स्वयं सेवकों ने उनका स्वागत किया। गायिका अर्चना गोस्वामी ने जैसे ही अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरना शुरू किया प्रतिभागियों ने उनके सुर में अपने ताल मिलाते हुए थिरकने लगे। सुर और ताल का यह संगम देर तक चलता रहा।

शुरू हुआ जंगल अभियान –

गरबा महोत्सव आयोजन समिति अक्स ने भक्ति की शक्ति को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए पर्यावरण जागरूकता के लिए जंगल अभियान का शुभारंभ किया। अध्यक्ष अभिषेक शर्मा,विष्णुसोनी, मुकेश सोनी,अंकीत शर्मा,रवि शर्मा,पवन भगत,सचिन धावर,अनुज खलखो,अक्षत शर्मा,प्रज्जवल,अनुराग शामिल थे। अध्यक्ष अभिषेक ने बताया कि जंगल अंभियान का लक्ष्य जिले की हरियाली का संरक्षित करते हुए इसे और समृद्व करना है। उन्होनें बताया कि अभियान के पहले चरण में बालक व किशोरों को शामिल करने के लिए पंजिकरण शुरू किया जा रहा है। पंजिकृत किशोरो को समिति मौसम के अनुरूप रोपने के लिए पौधा और इन्हें संरक्षित करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होनें बताया कि अभियान का लक्ष्य आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रकृति के नजदीक ले जाना है। चरणबद्व तरीके से यह अभियान आने वाले सालों में निरंतर चलता रहेगा।

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