जशपुर। भूमि विक्रय प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में जशपुर राजस्व पटवारी संघ, जिला शाखा ने अब भूमि की बिक्री के लिए पटवारी द्वारा जारी की जाने वाली चौहद्दी (सीमा विवरण) नहीं देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपने निर्णय और विभिन्न लंबित समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया।
पटवारी संघ का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से भूमि विक्रय के मामलों में कई जमीन दलालों द्वारा विवादित भूमि की चौहद्दी जारी कराने के लिए पटवारियों पर लगातार अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था। कई मामलों में चौहद्दी जारी नहीं करने पर राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर पटवारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे जिले के राजस्व अमले में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ था।
संघ ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में भूमि संबंधी अधिकांश रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हैं, इसलिए भूमि विक्रय के लिए अलग से पटवारी द्वारा चौहद्दी जारी किए जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है। इसके बावजूद कई स्थानों पर पंजीयन
कार्यालयों में पटवारी द्वारा जारी चौहद्दी को ही आधार बनाकर रजिस्ट्री की जा रही थी। ऐसे में यदि चौहद्दी में किसी प्रकार की मामूली त्रुटि या चूक हो जाती थी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पटवारी पर डाल दी जाती थी। इसी स्थिति को देखते हुए संघ ने सामूहिक रूप से भविष्य में भूमि विक्रय के लिए चौहद्दी जारी नहीं करने का निर्णय लिया है।
ज्ञापन में पटवारी संघ ने अतिरिक्त हल्का (प्रभार क्षेत्र) दिए जाने की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। संघ का कहना है कि एक ही पटवारी को अतिरिक्त हल्के का कार्यभार सौंपे जाने से कार्य का दबाव काफी बढ़ गया है। वहीं सभी राजस्व कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। अतिरिक्त कार्यभार के कारण न्यायालयीन एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते आवेदकों द्वारा उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक शिकायतें की जा रही हैं। संघ ने मांग की है कि अतिरिक्त हल्का दिए जाने की स्थिति में कार्य निष्पादन के लिए अतिरिक्त समय भी प्रदान किया जाए।
इसके अलावा पटवारी संघ ने जिले में कार्यरत उन पटवारियों का मुद्दा भी उठाया जिनकी सेवा अवधि 10 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, लेकिन उन्हें अब तक समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिला है। संघ ने कलेक्टर से ऐसे सभी पात्र पटवारियों को नियमानुसार समयमान वेतनमान का लाभ शीघ्र प्रदान करने की मांग की।
कलेक्टर को सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान जिले की विभिन्न तहसीलों से बड़ी संख्या में पटवारी उपस्थित रहे। संघ ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और राजस्व कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगा।




