निःशुल्क आयोजन में पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, हर दिन प्रतिभागियों को मिल रहे पुरस्कार

जशपुरनगर। नवरात्र पर्व के साथ ही जशपुर के संगम चौक में गरबा-डांडिया की रौनक बढ़ गई है। संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित प्रथम वर्ष के निःशुल्क गरबा महोत्सव में पांचवें दिन 400 से अधिक बच्चों और महिलाओं ने सामूहिक रूप से गरबा-डांडिया की प्रस्तुति दी। पारंपरिक संगीत, रंग-बिरंगे परिधान और प्रतिभागियों के उत्साह ने पूरे आयोजन स्थल को उत्सवमय बना दिया।
महोत्सव में बच्चों और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आयोजन को खास बना रही है। समिति की ओर से गरबा महोत्सव में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इससे गरबा सीखने और अपनी कला का प्रदर्शन करने के इच्छुक लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन मां दुर्गा की आरती के साथ होती है। इसके बाद पारंपरिक गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियां शुरू होती हैं। आयोजन में निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार प्रतिभागी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हो रहे हैं, जो महोत्सव के आकर्षण को और बढ़ा रहा है। प्रतिभागियों का उत्साह बनाए रखने के लिए समिति द्वारा प्रतिदिन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जा रहा है।
संगम चौक में महोत्सव को देखने और इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बच्चों से लेकर महिलाओं तक की सक्रिय भागीदारी से आयोजन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। गरबा की पारंपरिक शैली को प्राथमिकता देते हुए उत्सव को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति का यह आयोजन नवरात्र के उल्लास के साथ सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बन रहा है। निःशुल्क प्रवेश, सामूहिक भागीदारी और प्रतिदिन पुरस्कार वितरण जैसी पहल के कारण गरबा महोत्सव स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।





