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प्रभार संभालने के बाद उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने की ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक।

 

रायपुर: उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालने के बाद समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में विद्युत उत्पादन और आपूर्ति की जानकारी ली और भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उत्पादन, पारेषण और वितरण की क्षमता बढ़ाने की दिशा में योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आ रही नई तकनीक को अपनाते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति की दिशा में काम करने पर जोर दिया। श्री सिंहदेव ने साप्ताहिक एवं पाक्षिक बैठकें लेकर प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने हाफ बिजली बिल योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

 

न्यू सर्किट हाउस में आयोजित लगभग साढ़े तीन घंटे चली बैठक में ऊर्जा विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज, क्रेडा, राज्य विद्युत निरीक्षालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ऊर्जा सचिव एवं पॉवर कंपनी के चेयरमेन अंकित आनंद ने उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया और विभाग की विस्तार से जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने सभी अधिकारियों से व्यक्तिगत परिचय प्राप्त किया।

 

 

उन्होंने ट्रांसमिशन और जनरेशन कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहतर होने पर खुशी जताई और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े होने के कारण वितरण कंपनी का कार्य अपने आप में चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ योजना से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कोरबा में प्रस्तावित 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट के बारे में जानकारी ली। साथ ही पानी का कई बार उपयोग करके पंप स्टोरेज तकनीक से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिये।

 

 

उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने कहा कि लाइन लास पहले की तुलना में काफी कम हुआ है। इसे और कम किया जाए ताकि इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिले। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी उपभोक्ता को अधिक बिल दे दिया जाता है, तो उसकी जाँच करने की व्यवस्था करें। इसका ध्यान रखें कि ऐसी मुस्तैदी के बिलिंग की जाए कि इस तरह की शिकायतें न आए।

 

पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक उज्जवला बघेल, पॉवर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक मनोज खरे ने विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 62 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इस साल अधिकतम मांग 5869 मेगावाट अप्रैल में थी, जिसकी आपूर्ति बिना किसी कटौती के राज्य के भीतर उत्पादित बिजली से की गई। जनरेशन कंपनी ने देश में सर्वश्रेष्ठ विद्युत उत्पादन के मामले में पहला स्थान हासिल किया है। इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 85.71 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर के साथ विद्युत उत्पादन किया है।

बैठक में पॉवर कंपनी के निदेशक केएस रामाकृष्णा, कार्यपालक निदेशक भीम सिंह कंवर, आरए पाठक, उपसचिव ऊर्जा मनोज कोशले तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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