
जशपुरनगर,द प्राइम न्यूज नेटवर्क। अब जशपुर शहर में वाहन चलाते है तो रेड सिग्नल देख कर रुकने की आदत डाल लीजिए। यातयाता पुलिस शहर में ट्रैफिक सिग्नल जल्द शुरू करने जा रही है। सिग्नल के उलंघन पर आपको जुर्माना भरना पड़ा सकता है। एक नीजि विज्ञापन एजेंसी के सहयोग से जिला प्रशासन ने शहर के दो स्थानों पर सिग्नल लगाया जा रहा है। जिला यातायात प्रभारी सुबेदार सौरभ चंद्राकर ने बताया कि फिलहाल शहर के दो स्थानों पर सिग्नल लगाया जा रहा है। इनमें से एक महाराजा चौक और दूसरा रणजीता स्टेडियम के पास लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन के इस मशक्कत को शहर के यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने से जोड़ कर देखा जा रहा है। बीते दिनों रायपुर के नए सर्किट हाउस में हुए कलेक्टर और एसपी कांफ्रेंस मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटना के आंकड़े का कम करने के लिए ठोस योजना बना कर,काम करने काा निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जशपुर सहित पूरे प्रदेश में सड़क यातायात को सुरक्षित करने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। जानकारी के लिए बता दें कि जशपुर शहर का हृदय स्थल कहलाने वाला महाराजा चौक,शहर के सबसे व्यस्तम सड़क है। इस चौक में चार सड़कों का संगम होता है। हालांकि यात्री बसों की आवाजा ही इस चौक से हो कर कम ही जाती है। बावजूद इसके बस स्टेण्ड,अस्पताल,स्कूल,बाजार जैसे भीड़भाड़ इलाके से सीधे जुड़े होने के कारण ट्रेफिक का दबाव,इस चौक में सबसे अधिक होता है। वहीं रणजीता स्टेडियम में जल संसाधन विभाग के पास लगाए जा रहे सिग्नल का लाभ गम्हरिया की ओर से शहर और शहर की ओर से गम्हरिया की ओर जाने वाले वाहनों के साथ विश्राम गृह और हाई स्कूल की ओर से आने वाले वाहन चालकों मिल सकेगा। हाई स्कूल और शासकीय कार्यालय होने के कारण,इस सड़क पर भी अच्छी खासी भीड़ रहती है। रणजीता स्टेडियम के आसपास होने वाले धरना प्रदर्शन व राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान यहां ट्रेफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है।
शहर के अंदर यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिहाज से स्थापित किए जा रहे ट्रेफिक सिग्नल के नियम का पालन कराना,पुलिस और यातायात विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। जशपुर शहर सहित पूरे जिले में सिग्नल की व्यवस्था ना होने की वजह से वाहन चालक सहित अन्य लोगों को इसके पालन करने की आदत नहीं है। इससे पहले भी सिग्नल लगाने का प्रयोग जिला प्रशासन कर चुकी है। लेकिन तब यह प्रयोग बुरी तरह से विफल साबित हुआ था।
