
द प्राइम न्यूज़ 24 : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगादरहा में नव-निर्वाचित महिला सरपंच की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाकर मृतिका के जेठ पुस्तम सिंह सिदार (42) को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अंधविश्वास और घरेलू विवाद के चलते यह निर्मम हत्या की।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 1 अप्रैल की सुबह मृतिका प्रभावती बाई (38) अपने घर में थीं, जबकि उनके पति उत्तम सिदार मोटरसाइकिल मरम्मत कराने निकले थे। दोपहर 12:20 बजे उनकी पुत्री ने घर के पीछे सिंटेक्स टंकी के पास मां को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा और तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें इलाज के लिए कोतबा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसमें साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट को शामिल किया गया।
पुलिस जांच और चौंकाने वाला खुलासा
प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की, तो मामला घरेलू विवाद का निकला।
पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या घर के किसी सदस्य ने ही की है। पूछताछ के दौरान मृतिका की जेठानी ने पहले हत्या की जिम्मेदारी लेने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने आरोपी पुस्तम सिंह सिदार से गहराई से पूछताछ की, तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
अंधविश्वास और ईर्ष्या बना हत्या की वजह
आरोपी ने पुलिस को बताया कि मृतिका के अंधविश्वासी व्यवहार से उसका परिवार मानसिक रूप से बहुत परेशान था। उसे लगता था कि मृतिका के कारण उसके परिवार के सदस्य बीमार रहते हैं। लगातार अपमान और तनाव से परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई और मौके का फायदा उठाते हुए घर में रखी कुल्हाड़ी से वार कर अपनी बहू की हत्या कर दी।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस टीम सम्मानित
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर उसे 2 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने पेशेवर तरीके से जांच करते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी महज 24 घंटे में सुलझा ली, जिसके लिए टीम को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।
यह घटना समाज में फैले अंधविश्वास और घरेलू विवादों की भयावह सच्चाई को उजागर करती है, जो कभी-कभी हिंसक रूप ले लेती है।
