
जशपुर द प्राइम न्यूज़ नेटवर्क : जिला मुख्यालय में आला प्रशासनिक अधिकारियों के ऐन नाक के नीचे,कलेक्टर रितेश अग्रवाल के आदेश की धज्जियां उड़ती रही। वहीं,जमीनी हकीकत से अंजान आंख मूंद कर आदेश का शत प्रतिशत पालन कराने का दावा करने से भी नहीं चूके।
दरअसल,यह पूरा मामला शहर के विवेकानंद कालोनी में संचालित साप्ताहिक बाजार से जुड़ा हुआ है। बीते 3 जनवरी को शहर सहित जिले में बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने एक आदेश जारी कर जिले में नाइट कर्फ्यू लागू करने के साथ भीड़ को रोकने के लिए कई प्रतिबंध लगाए थे। इसके तहत 4 जनवरी से शहर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार को बंद करना भी शामिल था। लेकिन जिले के प्रशासनिक मुखिया के इस आदेश का पालन कितना गंभीरता से हुआ इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है बीते गुरूवार को बिना किसी रोक टोक के बाजार खुलने के बाद,रविवार को भी यही स्थिति बनी रही। बाजार को रोकने के लिए नगरपालिका,राजस्व और पुलिस विभाग का एक भी अधिकारी या कर्मचारी इस ओर झांकने के लिए नहीं पहुंचा। द प्राइम न्यूज 24 डाट काम ने जब बाजार की स्थिति की लाइव रिपोर्टिंग की तो दुकान सजाएं बैठे हुए सब्जी विक्रेताओं का कहना था कि उन्हें बाजार बंद होने की पूर्व सूचना मिली ही नहीं थी और ना ही कोई अधिकारी या कर्मचारी,बाजार लगने के बाद इस संबंध में जानकार देने के लिए पहुंचा है।,वहीं,सब्जी बाजार में लापरवाही देखने को मिली। सब्जी विक्रेता और ग्राहकों के मुंह से मास्क नदारद था। एक ओर जहां शहर में चालानी कार्रवाई करने का दावा अधिकारी कर रहें हैं,वहीं शहर में सबसे अधिक भीड़ भाड़ वाली जगह सब्जी बाजार से जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह से नदारद थे।
पालिका का दावा बंद है साप्ताहिक बाजार —
साप्ताहिक बाजार के संबंध में द प्राइम न्यूज 24 डाट काम ने नगरपालिका के सीएमओ बसंत बुनकर से चर्चा की तो उनका दावा था कि विवेकानंद कालोनी के पास स्थित साप्ताहिक बाजार को बंद करा दिया गया है। उन्होनें बताया कि तमाम सब्जी विक्रेताओं को इसकी पूर्व सूचना दी जा चुकी थी। उन्होनें बताया कि साथ ही शहर में स्थित दैनिक सब्जी बाजार को भी बंद किया जाएगा और इसे शहर के कालेज रोड में स्थित स्टेडियम,कव्वाली मैदान और रणजीता. स्टेडियम में शिफ्ट किया जाएगा।
