
धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टियों से साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व रहा. यह आंशिक सूर्य ग्रहण था. बता दें कि इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को लगा था. ये साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण रहा. ये फोटो पटना की है.
भारत में सूर्य ग्रहण सबसे पहले पंजाब के अमृतसर के आसमान में देखा गया. आज की खगोलीय घटना पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों को छोड़कर भारत के अधिकांश हिस्सों में दिखाई दी.
देश की राजधानी दिल्ली में सबसे बड़े ग्रहण के समय चंद्रमा ने सूर्य को 40 प्रतिशत से अधिक कवर किया. दिल्ली में ग्रहण की शुरुआत से सूर्यास्त तक की अवधि एक घंटा 13 मिनट रही.
सूर्य ग्रहण यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों, पश्चिमी एशिया, उत्तरी अटलांटिक महासागर और उत्तरी हिंद महासागर के क्षेत्र में भी दिखाई दिया. ये तस्वीर बुडापेस्ट, हंगरी की है
