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Breaking news : शहर में दहशत फैलाने के लिए तीन अलग अलग स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिल में आग लगाने वाले आरोपी चंद घंटों में चढ़े पुलिस के हत्थे,घटना में संलिप्त दो नाबालिगो पर विधिसम्मत कार्रवाही,,,देश की जनता का पैसा और भरोसा डुबाने में केवल अडानी ही नहीं मोदी भी भागीदार है।भाजपा आदतन आदिवासी विरोधी-कांग्रेस।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पवन बसंल, प्रभारी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल एवं महासचिव तारिक अनवर का दौरा कार्यक्रम।रामचरित मानस पर सियासत : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बिगाड़ने का किया काम।यहां मौजूद है तोता मुखी हनुमान मंदिर, कलयुग में दास को दिए थे भगवान ने दर्शन ।बिना भ्रष्टाचार के कांग्रेस सरकार कोई कार्य नहीं करती है – महामंत्री विजय शर्मा।मनेंद्रगढ़ के कछौड़ गांव मे मछली मारने गए ग्रामीण पर बाघ ने किया हमला : बाघ के हमले से ग्रामीण की हुई मौत, ग्रामीणों में दहशत का माहौल।Good News : BEO के सामने जब प्राथमिक शाला के बच्चों ने सुनाया 33 तक का पहाड़ा,हुए हैरान,बच्चों का किया उत्साह वर्धन, कहा सुघर पढवइया को मिला रहा अच्छा प्रतिसाध,,देखिए वीडियो,भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय बजट को छत्तीसगढ़ के लिए क्रांतिकारी बताया..कहा, पहले भूपेश बघेल अपनी पार्टी के 36 विधायकों की चिंता कर लें’।

संसदीय सचिव यू. डी. मिंज ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस की दी बधाई

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संसदीय सचिव यू. डी. मिंज ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस 28 नवम्बर के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि “छत्तीसगढ़ी भाखा हमर पुरखौती आए, ये हर हमर अभिमान हे। नवा सरकार बने के बाद ले छत्तीसगढ़ के इही अभिमान ला संजोए अउ आगू बढ़ाए बर हमन काम करत हन। ’जतका मान हमन ला अपन छत्तीसगढ़ महतारी उपर हे ओतके हमर मातृ भासा छत्तीसगढ़ी बर घलो होना चाही। छत्तीसगढ़ी भाखा ला हमन आत्म गौरव संग जोड़के देखबो तभे वो आघू बढ़ही”।

संसदीय सचिव मिंज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ी भाषा हिंदी, अवधी और बृज भाषा की समकालीन हैैं। राज्य सरकार द्वारा तीज-त्यौहारों और पारंपरिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ पुरखौती के अमूल्य धरोहरों का परिचय नई पीढ़ी से कराने से छत्तीसगढ़ी भाषा का महत्व और अधिक बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ी में बोलने में संकोच करने वाले लोग भी अब छत्तीसगढ़ी में गर्व से बात करते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास को हमें आगे ले जाना है, इसके लिए छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ साहित्य सृजन और प्रचार-प्रसार की भाषा बनाने की आवश्यकता है।

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