
जशपुर नगर,द प्राइम न्यूज नेटवर्क। जिले में उद्योग स्थापित करने के विरोध में जनजातिय सुरक्षा मंच के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय में विशाल रैली और आम सभा का आयोजन किया गया। इस रैली और आम सभा में शामिल होने के लिए जिले भर से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जशपुर पहुंचे थे।
यहां सभा को सम्बोधित करते हुए जनजातिय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने कहा कि जशपुर की जनता को दलाल भोला भाला मान कर मनमानी करने पर उतारू हो गए हैं। सड़क,पुल,बांध,अस्पताल जैसे अत्यंत आवश्यक संशाधनों के विकास में खर्च हो रहे करोड़ो की राशि का बंदरबांट किया जा रहा है।इसे किसी भी स्थिति में बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि करोड़ो की लागत से निर्मित जल संसाधन का डेम पहली बारिश में ही ध्वस्त हो जाता है। जिला चिकित्सालय में 12 करोड़ रुपए के भ्र्ष्टाचार का मामला जांच में पुष्ट होता है,लेकिन दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कि जाती है। इन सारी गड़बड़ियों पर कार्रवाई के लिए जनजातिय सुरक्षा मंच ने शासन और प्रशासन को 15 दिन का समय दिया था। लेकिन,शासन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए,जनजातिय सुरक्षा मंच को सड़क में उतरना पड़ा।
राज्यपाल के नाम पर कलेक्टर महादेव कावरे को सौपें गए ज्ञापन में जन जातीय सुरक्षा मंच ने 12 बिंदु की मांग रखी है। इसमे जशपुर को उद्योग विहीन प्रदेश का आक्सी जोन और पर्यटक जिला घोषित करना प्रमुख है। मंच ने जिले के पंडरा पाठ इलाके में बॉक्साइट उत्खन्न और कांसाबेल में स्टील उद्योग स्थापित करने का कड़ा विरोध किया है। मंच का आरोप है कि बिना ग्राम सभा आयोजित किये ही फर्जी तरीके से प्रस्ताव दे दिया गया है। इसे तत्काल निरस्त कर,उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को रोकना चाहिए।
