जशपुर। देश के स्वतंत्रता संग्राम में प्राण-ऊर्जा भरने वाला तथा राष्ट्रीय चेतना को जाग्रत करने वाला अमर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ अपने 150वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस ऐतिहासिक अवसर पर शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. महाविद्यालय, जशपुर में गुरुवार को वर्षव्यापी कार्यक्रम श्रृंखला का शुभारंभ किया गया। आयोजन में संस्थाप्रमुख डॉ. अमरेन्द्र, प्राध्यापक, कार्यालयीन स्टाफ तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की।
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राष्ट्रव्यापी शुभारंभ का सीधा प्रसारण
कार्यक्रम के प्रथम चरण में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के शुभारंभ समारोह का सीधा प्रसारण महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती सेमिनार हॉल में प्रदर्शित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं बल्कि आजादी की चेतना और भारतीय आत्मसम्मान का अविनाशी मंत्र है। यह गीत उस कालखंड की याद दिलाता है, जहाँ राष्ट्र के लिए प्राण अर्पित करना कर्तव्य माना गया।
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महाविद्यालय परिसर गुंजा राष्ट्रगीत की सुर-लहरियों से
सीधा प्रसारण समाप्त होने के पश्चात श्री बोधप्रकाश राठौर (अतिथि सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र) तथा छात्र करमा और शिवम् शुक्ला के नेतृत्व में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया।
पूरा परिसर “वन्दे मातरम्” की गूंज से देशभक्ति की भावधारा में सराबोर हो उठा।
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“वंदे मातरम् त्याग, एकता और संकल्प का प्रतीक” — डॉ. अमरेन्द्र
प्राचार्य डॉ. अमरेन्द्र ने कहा कि यह गीत हमें बताता है कि
> राष्ट्र के हित में समर्पण ही भारत की सभ्यता की पहचान है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को केवल औपचारिकता न मानकर, राष्ट्रीय अस्मिता और कर्तव्यबोध के रूप में आत्मसात किया जाए।
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वर्षभर चलेगी प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियाँ
कार्यक्रम संयोजक सुश्री कीर्ति किरण केरकेट्टा ने जानकारी दी कि 07 नवंबर 2025 से 07 नवंबर 2026 तक पूरा वर्ष विभिन्न चरणों में प्रतियोगिताओं और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन होगा।
पहले चरण (07/11/2025 से 14/11/2025) में —
पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता
प्रश्नोत्तरी एवं वाद-विवाद
निबंध लेखन
‘वंदे मातरम्’ पर विशेष साहित्यिक सभाएं
देशभक्ति आधारित संगीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम
आयोजित किए जाएंगे।
प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे मंच के समक्ष राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन होगा।
तकनीकी संचालन सुश्री अंजिता कुजूर (सहायक प्राध्यापक, कंप्यूटर विज्ञान) एवं श्री सुनील चौहान द्वारा किया गया।
समिति में सुश्री आइलिन (रसायन शास्त्र), मनोरंजन कुमार (क्रीड़ा अधिकारी) तथा डॉ. आनंदराम पैंकरा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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उपस्थिति
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, कार्यालयीन कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समूचा वातावरण देशभक्ति, प्रेरणा और सांस्कृतिक गौरवभाव से आलोकित रहा।






