देश पर अपने प्राणो की आहुति देने वाले अमर शहीदों को द प्राइम न्यूज़ नेटवर्क सलाम करता है, और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है,
जशपुर द प्राइम न्यूज़ नेटवर्क :- पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर रक्षित केंद्र जांजगीर में देश पर शहीद हुए अमर शहीद जवानों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस अवसर पर जांजगीर चांपा पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर ने देश पर शहीद हुए 377 शहीद जवानों के नामों का वाचन किया, एवं पुलिस की टुकड़ियों के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर शहीदों को दिया गया,

जांजगीर स्थित पुलिस रक्षित केंद्र में गुरुवार सुबह 9 बजे से पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद जवानों को पुष्प चक्र अर्पित कर रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम की धून के साथ पुलिस लाइन के स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया एवं श्रद्धांजलि दी गई
इस अवसर पर विशेष रूप से जांजगीर-चांपा विधायक नारायण प्रसाद चंदेल नगर पालिका नैला जांजगीर के अध्यक्ष भगवानदास गढ़वाल जिला जज जगदंबा राय सीएसएम संतोष महोबिया पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर फुल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय महादेवा समस्त थाना के टी आई पुलिस लाइन में पदस्थ सभी जवान सहित सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल इस श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए कार्यक्रम का संचालन दीपक यादव द्वारा किया गया वहीं शहीदों के परिजनों को श्रीफल एवं साल से सम्मानित किया गया ज्ञात हो कि पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है।
इस लिये मनाते है शहीद शहीद स्मृति दिवस
पुलिस शहीद स्मृति दिवस को लेकर सीआरपीएफ की बहादुरी का एक किस्सा है. आज से 62 साल पहले 21 अक्टूबर 1959 में लद्दाख में तीसरी बटालियन की एक कम्पनी को भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए लद्दाख में ‘हाट-स्प्रिंग’ में तैनात किया गया था. कम्पनी को टुकड़ियों में बांटकर चौकसी करने को कहा गया. जब बल के 21 जवानों का गश्ती दल ‘हाट-स्प्रिंग’ में गश्त कर रहा था, तभी चीनी फौज के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया. तब बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया. मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए 10 शूरवीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया. हमारे बल के लिए और हम सबके लिए यह गौरव की बात है कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के इन बहादुर जवानों के बलिदान को देश के सभी केन्द्रीय पुलिस संगठनों और सभी राज्यों की सिविल पुलिस ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के रूप में मनाते हैं.




