जशपुरनगर,द प्राइम न्यूज नेटवर्क। जिले के भीड़ भाड़ वाले सार्वजनिक भवनों में फायर सेफ्टी आडिट के लिए कलेक्टर ने पांच सदस्यी समिति का गठन किया है। इस समिति में लोक निर्माण विभाग के ईई,एसडीओपी जशपुर,जिला अधिकारी,नगर सेनानी,विद्युत मंडल और पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ और तहसीलदार को शामिल किया है। जारी किए गए आदेश में कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय और जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ ऐसे सभी सार्वजनिक भवनों की अग्नि सुरक्षा के इंतजाम को जांचने का निर्देश दिया है,जहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों प्रदेश की राजधानी रायपुर के एक नीजि चिकित्सालय में हुए भीषण अग्निकांड में कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों की मौत हुई थी। इसी तरह की हाल में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी हुई है। इन सभी अग्निकांड में फायर सेफ्टी में बड़ी लापरवाही सामने आई थी। रायपुर की घटना के मामले में अस्पताल संचालकों के खिलाफ प्रदेश सरकार ने कानूनी कार्रवाई भी की थी। वहीं बीते सितंबर माह में जिला चिकित्सालय में भी अग्निकांड हो चुका है। हालांकि संयोग से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई थी। लेकिन,आग बुझाने के दौरान इंतजाम में लापरवाही से परेशानी जरूर हुई थी। अस्पताल में रखे हुए सीज फायर कालातीत हो चुके थे। इसका इस्तेमाल करने में स्वास्थ्यकर्मियों को मुश्किल का सामना करना पड़ा था।उम्मीद की जा रही कलेक्टर रितेश अग्रवाल द्वारा गठित जांच समिति जिला चिकित्सालय सहित सभी सार्वजनिक भवनों की जांच कर,अग्निशमन सुरक्षा की दिशा में पहल करेगी।




