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शहीदों की शहादत पर दिग्विजय की तंज से देश भर के सैनिक परिवारों में आक्रोश।

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Mohit Prakash

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भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुलवामा हमले पर आज किए ट्वीट के बाद एक बार फिर राजनीति शुरु हो गई है। सिंह ने अपने ट्वीट में कहा कि आज के दिन हम खुफिया चूक का परिणाम रहे पुलवामा हमले में मारे गए 40 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मुुझे उम्मीद है कि सभी शहीदों के परिवारों का उचित पुनर्वास हो गया होगा। दिग्विजय सिंह  के इस बयान पर भाजपा सहित देश भर के सैनिक परिवारों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई। ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि दिग्विजय सिंह का ट्विट आईएसआई का ट्वीट लग लग रहा है। कांग्रेस की आदत हो गई है शहीदों की शहादत पर तंज कसने और उनके मनोबल तोड़ने वाले बयान देने की। पुलवामा के शहीद की पत्नी की दो टूक सेना पर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के विवादित बयान के बाद से देश में उनके विरोध में सुर उठने लगे हैं। राजनीतिक विरोधियों के साथ, सेना के कई पूर्व अधिकारियों और शहीदों के परिवारों ने दिग्विजय सिंह के बयान पर अपना विरोध दर्ज कराया है। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद की पत्नी ने कांग्रेस सांसद के बयान पर कहा कि सुरक्षाबलों से संबंधित मुद्दों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर सेना को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया केंद्र सरकार ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सैनिकों को श्रीनगर से दिल्ली तक फ्लाइट की व्यवस्था के अनुरोध पर सहमति नहीं दी और 2019 में पुलवामा में एक आतंकी हमले में 40 सैनिकों ने अपनी जान दी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि वे सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं। वे इतने लोगों को मारने का दावा करते हैं, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया जाता है। वे झूठ का पुलिंदा चलाकर शासन कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह के बयान पर जवाब देते हुए, पुलवामा हमले में शहीद हुए CRPF के हवलदार नसीर अहमद की पत्नी शाजिया कौसर ने कहा कि कई जवानों ने अपनी जान कुर्बान कर दी, उनका परिवार ही जानता है कि वे अब कैसे जी रहे हैं। नेताओं को इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए, ऐसे सवाल उठाया नहीं जाना चाहिए। हमें उन सैनिकों पर गर्व है। इसके साथ ही, भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व अधिकारियों ने भी पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की मांग करने के लिए कांग्रेस नेता पर हमला बोला है।
मेजर जनरल केके सिन्हा (रिटायर्ड) ने कहा कि हमारे अपने अनुभवी नेता दिग्विजय सिंह अब सशस्त्र बलों पर सवाल उठा रहे हैं। वे राजनीति में कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन वे सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं, यह भयावह है। वे अब पाकिस्तान का पक्ष ले रहे हैं।
सेवानिवृत्त मेजर जनरल जीडी बख्शी ने काग्रेस नेता की टिप्पणी को सशस्त्र बलों की विश्वसनीयता को कम करने का एक अनावश्यक प्रयास बताया, जो सच्चाई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद, सुरक्षा बलों ने विस्तृत ब्रीफिंग दी थी। अगर कोई अभी भी भारतीय सेना या वायु सेना के हवाई मुख्यालय पर सवाल उठाता है, तो मुझे केवल बहुत दुख और कष्ट हो सकता है। यह विश्वसनीयता और सम्मान को खत्म करने का एक अनावश्यक प्रयास है।
दिग्विजय के बयान से कांग्रेस ने किया किनारा
इस बीच, कांग्रेस ने दिग्विजय के बयान से किनारा करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह के विचार उनके अपने हैं और पार्टी की स्थिति को नहीं दर्शाते हैं। कांग्रेस के कम्युनिकेश प्रमुख जयराम रमेश ने कहा, सर्जिकल स्ट्राइक 2014 से पहले UPA सरकार ने किए थे। कांग्रेस ने राष्ट्रीय हित में सभी सैन्य कार्रवाइयों का समर्थन किया है और समर्थन करना जारी ।

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Author: Mohit Prakash

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