रायपुर। श्री विट्ठल संप्रदाय बृहद समाज महासभा के कार्यक्षेत्र को पूरे भारत में विस्तार देने के उद्देश्य से रायपुर में एक व्यापक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में संगठन के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार, सामाजिक गतिविधियों को गति देने और विभिन्न स्तरों पर समितियों के गठन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन के सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए।
संगोष्ठी में संपूर्ण भारत में संगठन को मजबूत स्वरूप देने के लिए हाई पावर कमेटी के साथ राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला और तहसील स्तर पर समितियों के गठन का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार अन्य समितियां गठित कर उन्हें संगठन की गतिविधियों से जोड़ने पर भी सहमति बनी। बैठक में तय किया गया कि देशभर में संगठन के विस्तार की प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश वर्मा ने संगोष्ठी में बताया कि विस्तार की प्रक्रिया में समाज के सभी घटकों और खापों को शामिल किया जाएगा, ताकि संगठन को व्यापक आधार मिल सके। समितियों के गठन के बाद संबंधित पदाधिकारियों के माध्यम से सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से शुरू किया जाएगा। उन्होंने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक कार्यकर्ताओं से संगठन से जुड़ने का आह्वान किया।
संगठन की ओर से बताया गया कि जो सामाजिक कार्यकर्ता श्री विट्ठल संप्रदाय से जुड़कर समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं, वे मोबाइल नंबर 9826223333 पर संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम में योगाचार्य केएल नामदेव, संस्थापक विट्ठल संप्रदाय, नारायण प्रसाद नामदेव, धर्मेश नामदेव, नरेंद्र सोलंकी, सुरेंद्र सोलंकी, महेंद्र नामदेव (पत्रकार, आज तक), डॉ. भरत नामदेव (बलौदाबाजार), अविनाश नामदेव, महिला मंडल अध्यक्ष लता नामदेव सहित बड़ी संख्या में सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं ईश्वर घिरड़े, समन्वयक नागपुर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उनके मार्गदर्शन में संस्था के विस्तार एवं आगामी कार्ययोजना पर गहन चर्चा हुई।
संगोष्ठी के दौरान धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के तहत भगवान शिव का अभिषेक किया गया। इसके बाद भव्य भंडारे का आयोजन भी हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकजुटता और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।





