छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक शिक्षिका रजनी बरेट और उनके बेटे सूजल बरेट की दोहरे हत्याकांड के आरोपी परवेश कुमार उर्फ प्रवेश कुमार की पत्नी ने अपने पति को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है। आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी सरिता लकड़ा ने कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोते हुए बताया कि उसके पति ने करीब 15 दिन पहले ही उसकी मर्जी के बिना उसका एक करोड़ रुपए का बीमा कराया था। सरिता ने आशंका जताई है कि उसके पति का अगला निशाना वह खुद थी और उसकी जान को खतरा है।
सरिता लकड़ा ने अपने पति से सारे रिश्ते तोड़ने की बात कही है। उसने बताया कि घटना वाली रात भी उसके पति ने पेंड्रा जाने की बात कहकर उसे गुमराह किया था और उसे इस हत्याकांड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सरिता को इस हत्याकांड की जानकारी बाद में पुलिस के जरिए मिली। सरिता ने कहा कि उसे अपनी जान का डर सता रहा है और उसे लगता है कि पति ने एक करोड़ रुपए का बीमा इसलिए कराया था, ताकि उसकी मौत के बाद बीमा की रकम लेकर वह आसानी से फरार हो सके। उसने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की मांग की है और इस वारदात के बाद अपनी मांग का सिंदूर भी मिटा दिया है।
सरिता लकड़ा ने यह भी बताया कि उसके पति प्रवेश कुमार ने पुलिस की पूछताछ में कहा था कि उसने इगो में आकर रजनी की हत्या कर दी। सरिता के मुताबिक, रजनी ने शायद प्रवेश को ‘नामर्द’ कहा था, जिसके कारण उसने यह जघन्य अपराध किया। सरिता ने यह भी आशंका जताई कि हो सकता है कि प्रवेश और रजनी के बीच अवैध संबंध रहे हों, हालांकि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। आरोपी प्रवेश कुमार मूल रूप से हरियाणा के करनाल जिले का रहने वाला है और ऑटो पार्ट्स सप्लाई का कारोबार करता था। वह वर्ष 2022 से सरिता लकड़ा के साथ पति-पत्नी की तरह लिव-इन में रह रहा था।
यह पूरा मामला जयनगर और विश्रामपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर में नेशनल हाईवे-43 से लगी ग्रामीण सड़क के किनारे एक लड़के का शव मिला था। मृतक की पहचान बिश्रामपुर के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं के छात्र सूजल बरेठ (18) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सूजल की स्कूटी घर से करीब 500 मीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर लावारिस हालत में खड़ी थी। सूजल की मां रजनी बरेट (40) बेलटिकरी के सरकारी स्कूल में टीचर थीं और पति से 5 साल पहले तलाक के बाद वह अपने बेटे सूजल के साथ विश्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवनगर में किराए के मकान में रहती थीं।
देर रात पुलिस सूजल के घर पहुंची, तो मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला। उसकी मां रजनी बरेट का भी पता नहीं चल रहा था। इसके बाद बिश्रामपुर पुलिस ने सूजल के रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया और उनकी मौजूदगी में घर का ताला तोड़ा गया। घर के अंदर बाथरूम में सूजल की मां रजनी बरेट का शव भी संदिग्ध हालत में मिला। यह मामला ब्लाइंड मर्डर का होने के कारण साइबर सेल और सूरजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कई संदेहियों से पूछताछ की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन भी निकाली गई।
जांच के दौरान रजनी बरेट के स्कूल में पदस्थ एक महिला टीचर की सहेली के पति परवेश उर्फ प्रवेश कुमार (36) की भूमिका संदिग्ध मिली। पुलिस को सीसीटीवी में एक व्यक्ति टीचर के घर की ओर जाते दिखा था। जांच के बीच संदिग्ध प्रवेश कुमार फरार हो गया था। इसके बाद 22 अक्टूबर को पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने रजनी बरेट और सूजल बरेट की हत्या करना कबूल कर लिया। सूरजपुर एसपी योगेश पटेल ने बताया कि आरोपी की पत्नी की इस हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं मिली है।
आरोपी प्रवेश कुमार ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और रजनी बरेट एक ही स्कूल में टीचर थीं, जिसके कारण उसका रजनी बरेट के घर आना-जाना था। कोरोना काल में उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी और उसने कारोबार के लिए बैंक से 20 लाख रुपए का लोन भी लिया था। आर्थिक तंगी के कारण उसे अपनी दुकान बंद करनी पड़ी और वह अलग-अलग दुकानों पर ऑटो पार्ट्स की सप्लाई करने लगा। उसे पता था कि रजनी बरेट ने भी 19 लाख रुपये का लोन लिया है और उसे पैसों की सख्त जरूरत थी।
9 अक्टूबर की दोपहर आरोपी पैदल रजनी बरेट के घर पहुंचा। रजनी शाम को ड्यूटी से लौटीं, तो सूजल ट्यूशन के लिए घर से चला गया। प्रवेश ने रजनी से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया। पैसों के लालच में प्रवेश कुमार ने रजनी बरेट से झूमाझटकी की। जब रजनी भागने लगीं, तो आरोपी ने उन्हें बाथरूम में खींच लिया। वहां उसने रजनी के सिर पर शैंपू की बोतल मारी और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।
रजनी की हत्या के बाद आरोपी ने बताया कि बेटे सूजल को पता था कि घर पर उसकी मां और आरोपी मौजूद थे, इसलिए उसने सूजल को भी मारने की योजना बनाई। वह रजनी के घर जाने वाले रास्ते के तिराहे पर करीब 3 घंटे तक सूजल का इंतजार करता रहा। रात करीब 9 बजे जब सूजल आया, तो आरोपी ने उससे झूठ कहा कि उसकी मम्मी मेरे घर पर हैं। आरोपी सूजल को अपनी कार में बैठाकर घुमाते हुए अंबिकापुर लेकर आया और उसे मैगी खिलाई।
रात को वे राईं जंगल में बाथरूम जाने के बहाने रुके, जहां आरोपी ने सूजल के गले में स्टॉक कसकर उसे मारने की कोशिश की। जब सूजल भागने लगा, तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर वह कालीघाट पहुंचा, जहां सड़क के किनारे उसने सूजल का शव फेंक दिया। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी के कब्जे से मृतका का मोबाइल, ज्वेलरी एवं अन्य सामान बरामद किया है। घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की गई है और आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
