मिल्की मलाई और मलाई मैजिक का 750 किलो पनीर खाने लायक नहीं, रायपुर में किया गया नष्ट

Picture of News Desk

News Desk

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

रायपुर में खाद्य विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 750 किलोग्राम पनीर को नष्ट करा दिया। यह पनीर मिल्की मलाई और मलाई मैजिक नामक दो ब्रांडों का था, जिसे जांच में मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया था। विभाग ने यह खेप तब जब्त की थी जब इसे ओडिशा ले जाया जा रहा था। जांच रिपोर्ट आने के बावजूद, इस पनीर को 44 दिनों तक नष्ट नहीं किया गया था। अब विभाग ने उरला स्थित एक फैक्ट्री में इस पनीर को नष्ट कराया है और दोनों ब्रांडों के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, खाद्य विभाग ने 8 सितंबर को रायपुर के जोरा के पास एक मालवाहक वाहन से पनीर की यह खेप जब्त की थी। यह वाहन पनीर को ओडिशा ले जा रहा था। जब्त करने के बाद, पनीर के नमूने तत्काल जांच के लिए रायपुर की प्रयोगशाला में भेजे गए। 12 सितंबर को आई जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया कि मिल्की मलाई और मलाई मैजिक दोनों ब्रांडों का पनीर खाने योग्य नहीं है।

जांच रिपोर्ट में पनीर के अखाद्य पाए जाने के बाद, खाद्य विभाग ने पनीर बनाने वाली संबंधित कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद भी पनीर को तुरंत नष्ट नहीं किया गया और यह लगभग 44 दिनों तक पड़ा रहा। इस देरी के पीछे की वजह यह थी कि पनीर बनाने वाली कंपनी ने सरकारी लैब की रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे।

कंपनी ने सरकारी लैब की रिपोर्ट को चुनौती देते हुए पनीर के नमूनों की दोबारा जांच कराने की मांग की थी। इसके लिए, पनीर का एक और नमूना नेशनल फूड लैब में भेजा गया था। इस बीच, कंपनी ने स्वयं भी पनीर को नष्ट करने के लिए खाद्य विभाग को आवेदन दिया था। इन प्रक्रियाओं के चलते पनीर को नष्ट करने में देरी हुई।

सभी प्रक्रियाओं के बाद, खाद्य विभाग ने अंततः उरला स्थित फैक्ट्री में 750 किलोग्राम पनीर को नष्ट करा दिया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अखाद्य पनीर का किसी भी तरह से इस्तेमाल न हो सके और यह दोबारा बाजार में पहुंचकर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाए।

अब खाद्य विभाग मिल्की मलाई और मलाई मैजिक ब्रांड के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। इस संबंध में एक विस्तृत प्रकरण तैयार किया जा रहा है, जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में पेश किया जाएगा। न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत होने के बाद, इस मामले की आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रियाएं शुरू होंगी।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। एक दिन पहले ही, भिलाई में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान एक्सपायरी दूध से पनीर बनाने और अत्यधिक गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार करने का एक बड़ा मामला सामने आया था। इस कार्रवाई में टीम ने लगभग 2, 500 किलोग्राम मिठाई और 1, 000 लीटर दूध को नष्ट कराया था। इसके अतिरिक्त, तीन प्रतिष्ठानों में काम बंद करा दिया गया था।

इसी कड़ी में, वैशाली नगर की एक दुकान में बिस्किट के पैकेट पर नौ दिन आगे की तारीख डालकर पैकिंग करने का मामला भी सामने आया। इस गंभीर अनियमितता के लिए दुकान संचालक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ये सभी घटनाएं खाद्य पदार्थों में मिलावट और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे अभियानों की गंभीरता को दर्शाती हैं।

News Desk
Author: News Desk

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!