तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई — कपड़ा कारोबारी के बेटे चेतन की मौके पर मौत, तीन गंभीर घायल, अस्पताल की लापरवाही से भड़का जनाक्रोश, एंबुलेंस में डीजल नहीं,

Picture of The Prime News

The Prime News

SHARE:

तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई — कपड़ा कारोबारी के बेटे चेतन की मौके पर मौत, तीन गंभीर घायल, अस्पताल की लापरवाही से भड़का जनाक्रोश, एंबुलेंस में डीजल नहीं,
तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई — कपड़ा कारोबारी के बेटे चेतन की मौके पर मौत, तीन गंभीर घायल, अस्पताल की लापरवाही से भड़का जनाक्रोश, एंबुलेंस में डीजल नहीं,

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शनिवार की सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। जिला मुख्यालय से लगे बालाछापर मार्ग पर तेज रफ्तार टाटा हैरियर कार (JH 01 FL 1818) पेड़ से जा टकराई, जिससे शहर के नामी कपड़ा व्यवसायी और ठेकेदार कनक चिंडालिया के छोटे पुत्र चेतन जैन (25 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उसके तीन साथी — प्रांजल दास, प्रिशु ठाकुर और हिमांशु डनसेना गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद रांची रेफर किया गया है।

घूमने के लिए निकले थे दोस्त, बालाछापर के पास हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे चेतन चिंदलिया अपने तीन दोस्तों के साथ नगेरा पत्थर आरा की ओर गिट्टी खदान देखने निकले थे। रास्ते में कोरवा हॉस्टल के सामने कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित कटहल के पेड़ से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चेतन की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल में उमड़ी भीड़, परिजनों में कोहराम

हादसे की सूचना मिलते ही जशपुर जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। डॉक्टरों ने चेतन जैन को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीनों घायल युवकों को गम्भीर अवस्था में भर्ती किया गया।
प्रांजल दास की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। वहीं प्रिशु ठाकुर और हिमांशु डनसेना को भी गम्भीर चोटें आई हैं। तीनों को बेहतर इलाज के लिए रांची के लिए रेफर किया गया।

एंबुलेंस की देरी से भड़का जनाक्रोश

घायलों को रांची भेजने में जिला अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई। बताया गया कि घायलों को रांची रेफर किए जाने के बाद भी एंबुलेंस लंबे समय तक अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी।
परिजनों और मौजूद नागरिकों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस में डीज़ल नहीं था, जिसके कारण घायलों को करीब एक घंटे तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ा। इस दौरान घायलों की हालत बिगड़ती चली गई।
लोगों ने अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि अगर जिला अस्पताल की यह स्थिति है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की हालत का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।

हादसे की खबर मिलते ही विधायक रायमुनि भगत, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, एसडीएम विश्वास राव मास्के, सिविल सर्जन डॉ. विपिन इंदवार और कोतवाली थाना प्रभारी आशीष तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे।
अधिकारियों ने घायलों की स्थिति की जानकारी ली और परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। साथ ही अस्पताल प्रशासन को भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के निर्देश दिए।

सिविल सर्जन ने दी सफाई

मामले पर सफाई देते हुए सिविल सर्जन डॉ. विपिन इंदवार ने बताया कि अस्पताल की एंबुलेंस में डीज़ल उपलब्ध था, लेकिन तीनों घायलों को एक साथ रेफर करने के कारण एक अतिरिक्त एंबुलेंस मनोरा स्वास्थ्य केंद्र से मंगानी पड़ी, जिससे थोड़ी देर हुई। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।

 

जशपुर में पसरा मातम, व्यापारी जगत में शोक की लहर

धनतेरस जैसे शुभ दिन पर हुई इस दुर्घटना ने पूरे जशपुर नगर को शोकाकुल कर दिया। युवा, मिलनसार और मददगार स्वभाव के लिए प्रसिद्ध चेतन जैन के असमय निधन से शहर के व्यापारी वर्ग, युवा समाज और परिचितों में गहरा दुख व्याप्त है।
शहर के कई प्रतिष्ठान बंद रहे और सैकड़ों लोग शोक संवेदना प्रकट करने चिंडालिया परिवार के निवास पर पहुंचे। हर ओर केवल एक ही चर्चा थी — “चेतन अब हमारे बीच नहीं रहा।”

The Prime News
Author: The Prime News

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!