जशपुरनगर, जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड बैंक में गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन के मामले में कलेक्टर रोहित व्यास ने सख्त कार्रवाई करते हुए एम.एल.टी. (मेडिकल लैब टेक्नीशियन) संतोष कुमार वाणिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत से लेकर निलंबन तक पूरा घटनाक्रम
मामले की शुरुआत 13 मार्च 2026 को हुई, जब जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड सेंटर प्रभारी एवं पैथालॉजी विशेषज्ञ डॉ. ममता सिंह द्वारा संतोष कुमार वाणिक के विरुद्ध गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा 20 मार्च 2026 को कार्यालयीन पत्र क्रमांक ESTB-1027/2182/2026-COLL JSP ESTT SEC जशपुर के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
नोटिस के जवाब में संतोष कुमार वाणिक ने 23 मार्च 2026 को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन जांच और परिशीलन के दौरान उनका जवाब पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
जांच में स्पष्ट हुआ कि संतोष कुमार वाणिक ने ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का दुरुपयोग करते हुए अनुशासनहीनता की गंभीर श्रेणी का कृत्य किया।
इसके अलावा, अपने जवाब में उन्होंने अपनी गलतियों को स्वीकारने के बजाय अन्य अधिकारी-कर्मचारियों पर दोषारोपण करते हुए जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास किया।
नियमों के उल्लंघन पर कलेक्टर का सख्त एक्शन
प्रस्तुत जवाब छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के विपरीत पाया गया। इसके आधार पर कलेक्टर रोहित व्यास ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार वाणिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में मुख्यालय और भत्ता
निलंबन अवधि के दौरान संतोष कुमार वाणिक का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी प्रदान की जाएगी।




