दुर्ग। जिले में डिजिटल policing को प्रभावी बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल के निर्देशन में eDAR/iRAD पोर्टल एवं साइबर पुलिस पोर्टल पर प्रकरणों की एंट्री और शिकायतों के समाधान का कार्य जिले में शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। यह उपलब्धि प्रदेश में दुर्ग जिले को तकनीकी और साइबर अपराध प्रबंधन के मामले में अग्रणी पंक्ति में खड़ा करती है।
ज्ञात हो कि भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर पुलिस पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त होने वाली शिकायतों में धोखाधड़ी, हैकिंग, साइबर बुलिंग एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध से संबंधित मामले दर्ज होते हैं। इन शिकायतों के शीघ्र और प्रभावी निराकरण के लिए दुर्ग पुलिस लगातार कार्य कर रही थी।
इसी तरह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित eDAR / iRAD पोर्टल, जिसमें सड़क दुर्घटना मामलों में मुआवजा दावों की प्रक्रिया को तेज और सड़क सुरक्षा में सुधार लाने की पहल शामिल है, उसमें भी जिले के सभी थाना व चौकियों द्वारा संबंधित मामलों की प्रविष्टि पूरी कर ली गई है।
दिनांक 08 दिसंबर 2025 को दोनों ही पोर्टलों में कार्य पूर्ण होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग ने पुलिस मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सीसीटीएनएस एवं साइबर शाखा में कार्यरत कुल 22 ऑपरेटरों को उत्साहवर्धन के रूप में प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
एसएसपी श्री विजय अग्रवाल ने कहा कि—
> “पोर्टलों में त्वरित व सटीक डेटा एंट्री तथा ऑनलाइन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण से पुलिस व्यवस्था अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीकी रूप से मजबूत बनती है। इस उपलब्धि में लगे सभी कर्मियों का योगदान प्रशंसनीय है।”
दुर्ग पुलिस की इस उपलब्धि के बाद जिले में साइबर अपराध प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन ने भविष्य में भी इसी गति से तकनीकी कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया है।




