दुर्ग। शहर के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र इंदिरा मार्केट स्थित एक लॉज में संचालित किए जा रहे कथित अनैतिक देह व्यापार का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना सिटी कोतवाली और एसीसी (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम ने शनिवार शाम छापेमार कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में कंडोम पैकेट सहित अन्य सामग्री भी जब्त की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 28 जून 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम लॉज में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सिटी कोतवाली एवं एसीसी की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से लॉज में दबिश दी।
रेड के दौरान आपत्तिजनक स्थिति में मिले युवक-युवतियां
पुलिस की टीम जब लॉज पहुंची तो वहां दो पुरुष और तीन महिलाएं आपत्तिजनक स्थिति में मिलीं। जांच के दौरान लॉज का संचालन करने वाला व्यक्ति भी मौके पर मौजूद पाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर की तलाशी ली और वहां से अनैतिक देह व्यापार से संबंधित सामग्री बरामद की।
20 हजार रुपये नकद और 80 कंडोम पैकेट जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 20 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, 80 कंडोम पैकेट तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से देह व्यापार संचालित किए जाने के संकेत मिले हैं।
पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में पीटा एक्ट (अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम) की धारा 3, 4, 5 एवं 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इस मामले में विजय गुजराती, नारायण देशमुख और तमाशा कुमार साहू को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
संयुक्त टीम की कार्रवाई से हुआ खुलासा
दुर्ग पुलिस के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सिटी कोतवाली और एसीसी की संयुक्त टीम ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा।
पुलिस ने नागरिकों से मांगा सहयोग
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की अनैतिक या अवैध गतिविधि संचालित होने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




