ब्रेकिंग : पहचान छुपा कर,किशोरी को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोपी ढाई साल के बाद पहुंचा,सिखांचों के पीछे, पढ़िए किस तरह आरोपी ने बदला अपना नाम और दुष्कर्म की घटना को दिया अंजाम

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जशपुरनगर द प्राइम न्यूज नेटवर्क। शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने फरार आरोपित को गिरफ्तार कर,न्यायिक रिमांड में जेल दाखिल कर दिया है। कोतवाली प्रभारी एलएस धुर्वे ने बताया कि सितंबर 2018 में पीड़िता के स्वजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के बोरिंग में पानी भरने के दौरान अचानक पीड़िता गायब हो गई थी। मौके पर मौजूद उसकी सहेली ने पीड़िता को खोजने का प्रयास किया था। लेकिन, वह सफल नहीं हो सकी थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 363 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मशक्कत के बाद पीड़िता को बरामद किया था। पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी कृष्णा से उसकी दोस्ती मोबाइल पर हुई थी। मोबाइल में बात करने के दौरान,आरोपी ने उसे प्यार के जाल में फांस लिया और शादी का सब्जबाग दिखाते हुए,उसे रांची ले गया था। यहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी कृष्णा के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने धारा 376,पॉक्सो एक्ट की धारा 4 जोड़ा गया। पुलिस ने जब आरोपित कृष्णा की पतासाजी शुरू की तो एक चौकाने वाला तथ्य सामने आया। दरअसल,किशोरी को जाल में फंसाने के लिए आरोपी ने अपना नाम गलत बताया था। दरअसल उसका असली नाम कृष्णा नहीं अपितु असजत अंसारी पिता असलम अंसारी उम्र 21 है और वह झारखंड के रांची जिला के थाना चान्हों का निवासी है। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने आरोपित के लोकेशन के आधार पर,झारखंड पुलिस के सहयोग से चान्हों में घेराबंदी कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। इस शातिर आरोपित को गिरफ्तार करने में एसपी विजय अग्रवाल की सधी हुई रणनीति और एएसपी सुश्री उनैजा खातून , एसडीओपी राजेन्द्र सिंह परिहार का निर्देशन महत्वपूर्ण रहा। पूछताछ में आरोपित असजद ने पुलिस को बताया कि उसने पीड़िता को अपना नाम कृष्णा व रॉयल बस का ड्रायवर बताकर प्रेम जाल में फंसाया था। इतना ही नहीं,पीड़िता से बात करने के लिए यह शातिर अपराधी,गांव के एक युवक के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया करता था। बहरहाल,मासूम किशोरी के इस अपराधी को कोतवाली पुलिस की टीम ने जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस पूरे अभियान में कोतवाली प्रभारी लक्ष्मण सिंह धुर्वे , एएसआई टेकराम सारथी , नसरूद्दीन अंसारी , आरक्षक पवन कुमार पैंकरा , शोभनाथ सिंह , एडवर्ड जेम्स तिर्की की प्रमुख भूमिका रही।

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