जशपुर नगर द प्राइम न्यूज़ नेटवर्क : शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी कर दिया है। इससे यह प्रक्रिया अधर में लटकती नजर आ रही है।

जानकारी के लिए बता दें कि जिले के बगीचा,दुलदुला,फरसाबहार,मनोरा,पत्थलगांव में खोले गए आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षक सहित अन्य गैर शिक्षकिय स्टाफ की भर्ती के लिए जिला प्रशासन ने साढ़े 7 सौ पदों का विज्ञापन जारी किया था। इस विज्ञापन के विरूद्व भर्ती प्रक्रिया पूरी करते हुए जिला प्रशासन चयन सूचि को अंतिम रूप देने में जुटी हुई थी। इसी दौरान इसे लेकर विवाद शुरू हो गया। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सत्ता पक्ष के नेता,इसकी शिकायत लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंच गए थे। वहीं,चयन सूची में शामिल अभ्यर्थी इसके विरोध में सड़क पर उतर आए थे। दोनों पक्षों से आरोप प्रत्यारोप और हंगामे के बाद प्रदेश सरकार ने मामले की जांच का आदेश देने के साथ चयन प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था।

इस पूरे मामले में उस वक्त बड़ा रूप लिया जब संयुक्त संचालक द्वारा की गई जांच में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद शासन ने जिले के तात्कालिन जिला शिक्षा अधिकारी एन पंडा को निलंबित कर दिया था। इस कार्रवाई के साथ ही प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी कर,प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया था। सरकार के इस आदेश का पालन करते हुए शिक्षा विभाग ने बीते सप्ताह ही विज्ञापन जारी किया था। शासन के इस निर्णय के विरूद्व देवेश शर्मा,विनोद कुमार यादव,मनीष शर्मा,रमाकांत द्विवेद्वी और दुर्योधन यादव ने अधिवक्ता के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के शासन के आदेश को चुनौती दी थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की संजय एस अग्रवाल की सिंगल बैंच ने भर्ती प्रक्रिया को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित करते हुए,शासन को पक्ष प्रस्तुत करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है।




