रायपुर,
छत्तीसगढ़ को “प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026” की मेजबानी का अवसर मिलना पूरे राज्य के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह आयोजन न केवल राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान देगा, बल्कि आदिवासी अंचलों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का एक सशक्त मंच भी प्रदान करेगा। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट के दौरान कही।
मुख्यमंत्री साय ने इस मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में देशभर में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत कुल सात प्रमुख खेलों की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल और तैराकी शामिल हैं। इसके साथ ही दो खेल डेमो स्वरूप में प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सरगुजा संभाग में कुश्ती, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की स्पर्धाएं होंगी, जबकि रायपुर में हॉकी, फुटबॉल और तैराकी तथा बिलासपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 का उद्घाटन समारोह 14 फरवरी 2026 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा और इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ सरकार की तैयारियों और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा मौजूद है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन खेलों के प्रति नई ऊर्जा और अवसरों का सृजन करेंगे। उन्होंने आयोजन की सभी तैयारियों में केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 से आदिवासी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और छत्तीसगढ़ एक उभरती हुई खेल महाशक्ति के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही उन्होंने खेलों के आधारभूत ढांचे के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने और खेल संस्कृति को मजबूत करने में खेल मंत्रालय के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने देश में लागू किए गए ऐतिहासिक लेबर कोड के लिए भी केंद्रीय मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा कवरेज और श्रम व्यवस्था में पारदर्शिता व सरलता को नई दिशा मिली है।




