जशपुर पुलिस द्वारा ग्राम नारायणपुर में लगाए गए नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित जनजागरूकता स्टॉल आज कार्यक्रम के दौरान आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्टॉल का निरीक्षण स्वयं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। स्टॉल की प्रस्तुति, जानकारी और जागरूकता मॉडल देखकर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह और पुलिस टीम की खुले शब्दों में प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जनजागरूकता प्रदर्शनी आम लोगों तक नए कानूनों को सरल भाषा में पहुंचाने का अत्यंत प्रभावी प्रयास है। इससे कानून की समझ बढ़ेगी और पुलिस व जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा।”
पुलिस द्वारा लगाए गए इस स्टॉल में भारत के नए न्यायिक ढांचे भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam) के प्रमुख प्रावधानों को आसान व दृश्यात्मक तरीकों से समझाया गया।
नए कानून में औपनिवेशिक कानूनों का अंत, पीड़ित केंद्रित न्याय व्यवस्था तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर सजा का स्पष्ट ढांचा शामिल है।
स्टॉल पर पुलिस अधिकारियों द्वारा नागरिकों को ई-एफआईआर से लेकर न्याय प्रक्रिया की तय समय सीमा, तेज जांच प्रणाली, तकनीकी साक्ष्यों की बढ़ती भूमिका
के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रस्तुति में यह भी बताया गया कि आधुनिक तकनीकी साक्ष्य जैसे डीएनए टेस्ट, फिंगरप्रिंट और वॉइस सैंपल अब भारतीय न्याय व्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
इन तकनीकों से जांच अब और अधिक सटीक, तीव्र और निष्पक्ष हो गई है।
अब भारतीय न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है — यह बदलाव देश की न्याय प्रणाली में आधुनिकता और मानव केंद्रित सोच की ओर महत्वपूर्ण कदम है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया जनता इस जागरूकता स्टॉल से उत्साहपूर्वक जुड़ रही है। पोस्टर, मॉडल और डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से नए कानूनों को सरल तरीके से समझाया जा रहा है, जिससे लोगों में कानून की समझ और जागरूकता बढ़ रही है।”
स्टॉल में विभिन्न हेल्पलाइन नंबर, शिकायत पंजीकरण व्यवस्था, साइबर सुरक्षा जानकारी और त्वरित सहायता के संसाधनों का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे आम नागरिकों ने अत्यंत उपयोगी बताया।






