जशपुर 29 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर विकास खंड के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में ग्राम इचकेला के छत्तीसगढ़ बालिका क्रिकेट टीम 16 खिलाड़ियों से मुलाकात करके अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी ।
जिले का नाम रोशन कर चुकी छात्राओं को मुख्यमंत्री ने प्रदान की क्रिकेट किट
क्रिकेट की दुनिया में जिले का नाम रोशन करने वाली शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, इचकेला की प्रतिभाशाली छात्राओं को विष्णुदेव साय ने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि छात्रावास की इन छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले को गौरवान्वित किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप इसी लगन, अनुशासन और मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ती रहें तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रोशन करें।
उल्लेखनीय है कि इचकेला एमसीसी (Ichkela MCC) की बालिकाओं का ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
वर्तमान में इस इनफॉर्मल अकादमी से कुल 17 बालिकाएँ राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं तथा बोर्ड मैचों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। वर्तमान में 40 खिलाड़ी क्रिकेट का निरंतर अभ्यास कर रहे हैं।
वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों में पहली बार राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता के अंडर-17 वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इस ऐतिहासिक विजय में इचकेला एमसीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही, क्योंकि सरगुजा संभाग की विजेता टीम में शामिल 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं।
इसी प्रकार, अंडर-19 वर्ग में सरगुजा संभाग ने रजत पदक अर्जित किया, जिसमें टीम की 11 में से 8 खिलाड़ी इचकला एमसीसी से थीं।
वर्ष 2025 में रायगढ़ में आयोजित इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट, जिसमें देशभर की टीमों ने भाग लिया, उसमें भी इचकेला एमसीसी की बालिकाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
अब तक इस ग्रुप से 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले एवं राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
इन उपलब्धियों के पीछे श्री संतोष श्री शंकर सोनी जी एवं श्रीमती पंडरी बाई का समर्पित मार्गदर्शन एवं सतत योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य किया है।




