बालिका सुरक्षा पर मंथन करने कलेक्टर व एसपी ने ली स्कूल और बस संचालकों की बैठक,बस में सीसीटीवी,कैमरा,जाली,फर्स्ट एड बाक्स,स्पीड गर्वनर की ली जानकारी,

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जशपुर घर से स्कूल आने और स्कूल से वापस घर जाने के दौरान बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को कलेक्टर रितेश अग्रवाल और एसपी डीरविशंकर की अध्यक्षता में जिले के नीजि स्कूल और स्कूल बस संचालकों का बैठक आयोजित किया गया। इस बैठक में कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने स्कूल बस संचालकों से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए मार्गदर्शन के अनुरूप बस में सीसीटीवी कैमरा,जाली,फर्स्ट एड बाक्स,स्पीड गर्वनर की जानकारी ली। इस दौरान एसपी ने सभी संचालकों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मापदंड का सख्ती से पालन करने का निर्देश देते हुए,कमी पाएं जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। इस बैठक में कलेक्टर और एसपी ने स्कूल संचालकों को नाबालिग छात्र-छात्राओं द्वारा दो पहिया वाहन लेकर स्कूल आने की बढ़ती हुई मनोवृत्ति पर चिंता जताई। एसपी ने संचालकों से अपील किया कि ऐसे छात्रों के अभिभावकों से चर्चा कर,बगैर लाईसेंस और हेलमेट के दो पहिया वाहन न देने की समझाईश देने की अपील की। उन्होनें संचालकों से कहा कि छात्र देश के भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। नाबालिग बच्चों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी नहीं होती है। ऐसे में दुर्घटना का शिकार होने की आशंका अधिक होती है। इसलिए,ऐसी प्रवृति को रोकना होगा। चर्चा के दौरान स्कूल संचालकों ने कई बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी छात्र और अभिभावकों द्वारा इसे गंभीरता से न लिए जाने की शिकायत की। एसपी ने ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासन द्वारा हरसंभव सहायता किए जाने का आश्वासन स्कूल संचालकों को दिया। इस बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र प्रसाद,जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज,एसडीओपी जशपुर आरएस परिहार,जिला यातायात प्रभारी सौरभ चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित थे। इस बैठक में कलेक्टर रितेश अग्रवाल और एसपी डी रविशंकर ने छात्रों की मोबाइल से बढ़ते लगाव पर भी चिंता जताई। कलेक्टर ने कहा कि छात्र जीवन का लक्ष्य अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करने और उर्जा को सकारात्मक कार्यों में करने की होनी चाहिए। लेकिन,कोरोनाकाल के दौरान मोबाइल के उपयोग ने छात्रों के जीवन में अंदर तक घुस पैठ कर,कई विकृतियां उत्पन्न कर दी है। आन लाइन गेम के चक्कर में फंस कर बच्चे जाने अंजाने अपना समय और माता पिता की कमाई गवां रहें हैं। जिले में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी है। बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए इस प्रवृत्ति से बच्चों को उबारना जरूरी है। एसपी डी रविशंकर ने इसके लिए स्कूल संचालकों को अभिभावकों से चर्चा करने के साथ ही बच्चों को खेल कूद,सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त करने का सुझाव दिया।

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Author: The prime news

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