जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा नागरिकों को त्वरित एवं एकीकृत आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन योजना का शुभारंभ बुधवार को पुलिस लाइन जशपुर में गरिमामय कार्यक्रम के बीच किया गया। कार्यक्रम में माननीय विधायक पत्थलगांव एवं उपाध्यक्ष सरगुजा विकास प्राधिकरण गोमती साय ने जिले को आबंटित डायल-112 के 11 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) और 2 हाईवे पेट्रोल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में विधायक जशपुर रायमुनी भगत, सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
“अब दूरस्थ गांवों तक तुरंत पहुंचेगी सहायता” — गोमती साय
अपने संबोधन में विधायक पत्थलगांव गोमती साय ने कहा कि डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन योजना वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप अत्यंत लाभकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अब किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सकेगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा आम जनता का पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा होगी मजबूत — रायमुनी भगत
विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि यह योजना आम जनता की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह व्यवस्था महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 सेवा का उपयोग करें और सुरक्षित एवं सहयोगात्मक समाज निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।
“अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम” — कलेक्टर रोहित व्यास
कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन योजना शासन की जनकल्याणकारी सोच और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और अन्य आपात सेवाओं के बीच समन्वय स्थापित होने से नागरिकों को शीघ्र और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। जशपुर जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत जिले में यह सेवा ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी।
GPS ट्रैकिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग से लैस हैं वाहन
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन योजना के तहत प्राप्त नए ERV और हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों से जिले की पुलिसिंग व्यवस्था तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम हुई है। इन वाहनों में GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, मोबाइल डेटा टर्मिनल, वायरलेस संचार प्रणाली, डैश कैम और आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात सूचना पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निकटतम वाहन को तत्काल रवाना किया जाएगा, जिससे न्यूनतम समय में घटनास्थल तक पहुंच सुनिश्चित होगी।
“एक्के नम्बर सब्बो बर” की अवधारणा पर आधारित है सेवा
डायल-112 सेवा “एक्के नम्बर सब्बो बर” की अवधारणा पर आधारित एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है। इसके तहत पुलिस सहायता, मेडिकल इमरजेंसी, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा सहायता और हाईवे इमरजेंसी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
अब नागरिक केवल 112 नंबर डायल कर किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा 112 इंडिया मोबाइल ऐप, एसएमएस, ईमेल, चैटबॉट, वेब रिक्वेस्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी सहायता ली जा सकती है।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे कमांड एवं कंट्रोल सेंटर
राज्य और जिला स्तर पर अत्याधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे और सातों दिन कार्यरत रहेंगे। प्रशिक्षित कॉल-टेकर्स और फील्ड स्टाफ द्वारा त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इन थानों में तैनात किए गए नए डायल-112 वाहन
जशपुर जिले को प्राप्त नए डायल-112 वाहनों को पत्थलगांव, बगीचा, कांसाबेल, कुनकुरी, तुमला, तपकरा, जशपुर, लोदाम, सन्ना, आस्ता और डायल-112 कंट्रोल रूम जशपुर में तैनात किया गया है। ये वाहन प्रतिदिन 24×7 सेवा प्रदान करेंगे।
आम नागरिकों से एसएसपी की अपील
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल डायल-112 सेवा का उपयोग करें और इसका जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करते हुए पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।




