दुर्ग : अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का दुर्ग पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। मृतिका और उसके 8 वर्षीय बेटे की लाशें गांव खम्हरिया के अलग-अलग कुओं में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। जांच में सामने आया कि महिला के प्रेमी और उसके चचेरे भाई ने मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
🔍 प्रेमिका और बच्चे की हत्या कर कुएं में फेंका शव
दिनांक 22 जून को ग्राम खम्हरिया में दो कुओं से दो शव बरामद हुए। पहले शव की बरामदगी राधेलाल गायकवाड़ की बाड़ी में स्थित कुंए से हुई, जहां एक प्लास्टिक बोरी में 8 से 10 साल के एक अज्ञात बालक की लाश मिली। दूसरा शव भगवान दास महिलांग की बाड़ी के कुएं से मिला, जो एक महिला की लाश थी। महिला के हाथ-पैर बंधे हुए थे और वह साड़ी में लिपटी हुई थी।
शवों की स्थिति और जगह देखकर साफ था कि यह हत्या कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई थी। थाना अमलेश्वर ने IPC की धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 70/2025 दर्ज कर जांच शुरू की।
🕵️♂️ इंस्टाग्राम से शुरू हुआ रिश्ता, हत्या पर पहुंचा अंजाम
एसएसपी दुर्ग के निर्देशन पर गठित एसआईटी ने ग्रामीणों से पूछताछ और मुखबिर की सूचना पर संदेही छत्रपाल सिंगौर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि रायपुर की रहने वाली सुनीता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी से उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दो सालों से उनके बीच प्रेम संबंध थे। मृतिका बार-बार शादी और साथ रहने की बात कर रही थी, जबकि आरोपी ने हाल ही में किसी अन्य महिला से शादी कर ली थी।
सुनीता द्वारा बार-बार दबाव बनाने से परेशान होकर छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई शुभम को भरोसे में लिया और मिलकर हत्या की साजिश रची। 18 जून को छत्रपाल, सुनीता और उसके बेटे को रायपुर से अपने गांव खम्हरिया स्कूटी पर लेकर आया। वहां शुभम पहले से मौजूद था। दोनों भाइयों ने खेत में महिला और बच्चे की गला दबाकर हत्या की और फिर शवों को अलग-अलग बोरी में भरकर पत्थर से बांधकर कुओं में फेंक दिया।
🔎 रायपुर से दर्ज थी गुमशुदगी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सुनीता चतुर्वेदी और उसके बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना सिविल लाइन रायपुर में गुमइंसान क्रमांक 51/2025 के तहत दर्ज थी। परिजनों ने मृतिका की पहचान कर ली है।
🚓 गिरफ्तार आरोपी:
1. छत्रपाल सिंगौर, पिता अजेन्द्र सिंगौर, उम्र 26 वर्ष
2. शुभम कुमार सिंगौर, पिता विरेन्द्र सिंगौर, उम्र 22 वर्ष
👮♂️ जांच टीम में रहा विशेष योगदान:
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी पाटन अनिल कुमार साहू, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार रूसिया सहित अमलेश्वर थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम का सराहनीय योगदान रहा।




