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दिल्ली में 20 मार्च से किसान फिर शुरू करेंगे आंदोलन।

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Mohit Prakash

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मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत का आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए. इस दौरान नरेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश में गन्ने का दाम 450 रुपये क्विंटल किया जाए. इसी के साथ नलकूपों पर मीटर नहीं लगने देने और पुराने ट्रैक्टर बंद न होने देने का ऐलान भी किया.

 

महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने यूपी में गन्ने का भाव 450 रुपये क्विंटल करने की मांग की. भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि नलकूपों पर किसी भी कीमत पर बिजली के मीटर नहीं लगने देंगे और न ही पुराने ट्रैक्टर बंद होने देंगे. उन्होंने कहा कि नागपुर पॉलिसी चल रही है.

 

राकेश टिकैत ने कहा कि पीएसी नहीं, मिलिट्री बुलाओ, पर मीटर नहीं लगेगा. सरकार अपने मीटर की सुरक्षा करे, चोरी बढ़ रही है. बड़ी कंपनियों को बिजली बेची जा रही है. गरीबों का शोषण किया जा रहा है. यह कंपनियों की सरकार है. टिकैत ने ऐलान किया कि 26 जनवरी 2024 को पूरे देश में ट्रैक्टर परेड होगी. किसान संगठन किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं है. जहां सरकार किसान के खिलाफ फैसले करेगी, हम वहीं जाएंगे

 

राकेश टिकैत बोले- किसानों की जमीन छीनने की तैयारी हो रही है

 

राकेश टिकैत ने किसानों को चेताया कि जमीन छीनने की तैयारी है, गलत तरीके से भूमि अधिग्रहण किया जाता है. हमारे आंदोलन का अगला पड़ाव फिर दिल्ली होगा. 20 मार्च से संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि 20 साल तक की लड़ाई के लिए तैयार रहें.

 

उन्होंने कहा कि किसानों को फर्जी मुकदमों से डराया जाता है. टिकैत ने कहा कि ट्रैक्टर किसान का फाइटर विमान है. उन्होंने यह भी कहा कि जो किसान अपनी मर्जी से मीटर लगवाना चाहते हैं, वह लगवा सकते हैं.

 

वहीं पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों को बांटी जा रहीं पर्चियों पर गन्ने के रेट के स्थान पर शून्य लिखा आता है. उन्होंने कहा कि गन्ने का दाम बढ़ाया जाए.

 

युद्धवीर सिंह बोले- किसान सरकार के एजेंडे में नहीं हैं, बजट में कोई चर्चा नहीं हुई

 

महापंचायत में मंच से भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह के तेवर भी तीखे रहे. उन्होंने कहा कि किसान सरकार के एजेंडे में नहीं हैं. बजट में किसान की आय पर कोई चर्चा नहीं हुई. सरकार ने छह साल पहले आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन आय घट गई. सरकार ने 2047 तक का झुनझुना दिया है और विश्वगुरु बनाने की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेच रही है.

 

युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार खेती पर निवेश कम कर रही है और एमएसपी नहीं, कर्जा देने की बात कर रही है. खेती के लोन अडानी के माध्यम से दिए जाएंगे. उन्होंने किसानों को चेताया कि यह जमीन कुर्क करने की तैयारी है. अगर सरकार 85 करोड़ को मुफ्त राशन दे रही है तो समझ लो देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है.

 

युद्धवीर सिंह ने कहा कि 20 मार्च को पूरे देश का किसान एक साथ दिल्ली कूच करेगा. पूरे देश की निगाह मुजफ्फरनगर पर है. यहां के किसान आंदोलन को मजबूत रखें. किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ, अब दूसरा चरण 20 मार्च से शुरू होगा. किसान एमएसपी की लड़ाई जारी रखेंगे.

 

मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत में उमड़ी किसानों की भीड़

 

मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर शुक्रवार को भाकियू की महापंचायत में भारी भीड़ उमड़ी. मुजफ्फरनगर के अलावा पश्चिमी यूपी के पड़ोसी जिले शामली, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ से भारी संख्या में किसान बसों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे थे. महापंचायत को देखते हुए शहर के कई स्कूल कॉलेज बंद रखे गए थे.

 

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Author: Mohit Prakash

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