जशपुर। प्रदेशभर में पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी और लू के बीच छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला जशपुर ने राज्य सरकार से मांग की है कि स्कूलों की छुट्टियों को 30 जून तक बढ़ाया जाए। फेडरेशन के जिला अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने इस संबंध में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में स्कूल खोलना बच्चों की सेहत और जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूलों को 1 जुलाई से ही खोला जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राज्य के कई जिलों में इन दिनों तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जा रहा है। लू और गर्म हवाओं का असर सीधे तौर पर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें सुबह-सुबह स्कूल जाने के लिए मजबूर किया जाना मानवता के विरुद्ध होगा। अजय गुप्ता का कहना है कि इस विकट गर्मी में बच्चों को स्कूल बुलाने का निर्णय हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों को न्योता देना है।
फेडरेशन ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य के अधिकांश स्कूलों में बुनियादी गर्मी से राहत देने वाली सुविधाएं नहीं हैं। न तो ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही पंखे या कूलर जैसे उपकरणों की। कई जगह बिजली की आपूर्ति भी बाधित रहती है। ऐसे में गर्मी में कक्षाओं का संचालन न सिर्फ असंभव है, बल्कि बच्चों की जान के लिए खतरा भी है।
अभिभावकों और शिक्षकों में भी इस मुद्दे को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। सुबह 7-8 बजे के बीच ही तापमान इतना अधिक हो जाता है कि बच्चों का पैदल या साइकिल से स्कूल जाना स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार कर रहा है। गर्म सड़कों और धूप में सफर करना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है। इससे बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई दोनों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
अजय गुप्ता ने कहा कि फेडरेशन का उद्देश्य केवल छुट्टियों की मांग करना नहीं है, बल्कि यह मांग बच्चों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ी जिम्मेदारी के तहत की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि “शिक्षा आवश्यक है, लेकिन उससे पहले बच्चों का जीवन और स्वास्थ्य प्राथमिकता होनी चाहिए।”






