दुर्ग। पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम गनियारी में बीते वर्ष दादी और पोती की हुई दिल दहला देने वाली हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे तीसरे आरोपी मार्शल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने पॉलीग्राफ, ब्रेनमैपिंग और नार्को टेस्ट जैसी वैज्ञानिक जांचों के जरिए किया, जिससे प्रेम-प्रसंग और अवैध संबंधों का भयावह सच सामने आया।
घटना 6 मार्च 2024 की है, जब ग्राम गनियारी में एक वृद्धा और उसकी नाबालिग पोती की हत्या धारदार और भोथरे हथियार से कर दी गई थी। दोनों के शरीर पर गहरे घावों और चोटों के निशान मिले थे। घटना की सूचना मिलते ही एफएसएल, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की टीम के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देशन पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें राजपत्रित अधिकारी और एसीसीयू के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। टीम ने कई दिनों तक कैंप कर 62 संदिग्धों से पूछताछ की और उनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला।
जांच के दौरान अहम साक्ष्य नहीं मिलने पर संदिग्धों का अहमदाबाद और रायपुर में ब्रेनमैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट आने के बाद सख्ती से पूछताछ में मुख्य आरोपी चुमेन्द्र निषाद ने अपने अपराध की स्वीकारोक्ति की। उसने खुलासा किया कि उसकी किसी महिला से अवैध संबंध थे, और सगाई के बाद यह बात उजागर हो जाने के डर से उसने अपने साथी पंकज निषाद और मार्शल राजपूत के साथ मिलकर दादी और पोती की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
इस हत्याकांड में दो आरोपियों — चुमेन्द्र निषाद और पंकज निषाद — को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि तीसरा आरोपी मार्शल राजपूत (उम्र 29 वर्ष, निवासी कृपाल नगर, कोहका, जिला दुर्ग) फरार चल रहा था। उसे अब गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल द्वारा गठित विशेष टीम, थाना पुलगांव एवं एसीसीयू के अधिकारी-कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई से इस हत्याकांड का पूरा खुलासा हुआ।






