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टांगरगांव स्टील प्लांट मामले में अब हाथी ने लगाया अड़ंगा,एनओसी जारी करने से पहले इस तथ्य की जांच कर रहा है वनविभाग,जनसुनवाई से पहले प्रबंधन के सामने खड़ी हुई एक और मुसीबत

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जशपुरनगर द प्राइम न्यूज नेटवर्क। जिले के कांसाबेल तहसील के टांगरगांव में प्रस्तावित स्टील प्लांट के मामले में अब हाथी भी अड़ंगा लगाते हुए नजर आ रहा है। प्रस्तावित स्थल के दायरे में हाथियों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना की जांच वनविभाग ने शुरू कर दी है। विभाग के इस कदम से प्लांट स्थापित करने के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र अधर में लटकने की स्थिति बन गई है। मामले को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर 2 अगस्त को सुनवाई होनी है। ऐसे में 4 अगस्त को होने वाली जनसुनवाई पर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। कंपनी प्रबंधन के लिए एक ओर कुआं तो दूसरी ओर खाई की स्थिति बन गई है। विदित हो कि टांगरगांव में लगभग 6 सौ करोड़ की लागत से एक नीजि कंपनी स्पंज आयरन प्लांट स्थापित कर रही है। इसके लिए कंपनी ने टांगरगांव सहित आसपास के अन्य गांव में 80 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी चुकी है। प्लांट प्रबंधन ने दो दिन पहले ही अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए वनविभाग में आवेदन लगाया है। डीएफओ एसके जाधव ने बताया कि अनापत्ति जारी करने से पहले शासन द्वारा निर्धारित नियम और गाइडलाइन की बिंदुओं की जांच की जा रही है। इसके तहत सबसे अहम बिंदु प्रस्तावित प्लांट स्थल के आसपास हाथियों की आवाजाही की जांच की जा रही है। उन्होनें बताया कि निर्धारित 10 किलोमीटर के दायरे में कोई भी नोटीफाइड कारिडोर या अभ्यारण्य नहीं आ रहा है,लेकिन हाथियों के आने जाने का रास्ता से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। उन्होनें बताया कि गौतमी दल,अक्सर कांसाबेल और इसके आसपास के इलाके में विचरण करने की सूचना मिली है। हालांकि यह दल,वर्तमान में लंबे अर्से से अंबिकापुर इलाके में है।

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Author: The prime news

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