मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल :– फरसाबहार में खुलेगा सत्यसाईं मातृत्व शिशु अस्पताल, पांच एकड़ जमीन चिन्हांकित, क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात………*

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जशपुरनगर 31 अक्टूबर 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं नए आयाम गढ़ रही हैं। अब जिले के फरसाबहार क्षेत्र में देश की प्रसिद्ध समाजसेवी संस्था सत्यसाईं ट्रस्ट की ओर से मातृत्व शिशु चिकित्सालय अत्याधुनिक बाल हृदय रोग चिकित्सा उपचार अस्पताल की स्थापना की जा रही है। इस अस्पताल के लिए जिला प्रशासन ने पांच एकड़ भूमि का चिन्हांकन कर लिया है, और जब तक स्थायी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक संस्था फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अस्थायी तौर पर अस्पताल का संचालन करेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा फरसाबहार में आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प शिविर के दौरान की। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर स्थित सत्यसाईं अस्पताल देशभर में अपने नि:स्वार्थ सेवा कार्यों के लिए प्रसिद्ध है — जहां बच्चों के हृदय रोग का उपचार पूरी तरह निशुल्क किया जाता है। इस अस्पताल में किसी प्रकार का कैश काउंटर तक नहीं है। अब तक वहां 40 हजार से अधिक बच्चों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सत्यसाईं ट्रस्ट की इस सेवा भावना से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस अस्पताल का निरीक्षण करने जा रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर ट्रस्ट के संचालकों से जशपुर जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान देने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री की इस अपील पर ट्रस्ट ने फरसाबहार में अस्पताल खोलने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि,जिले के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है। इसके शुरू होने से जशपुर के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों — ओडिशा और झारखंड —के सीमावर्ती इलाकों के बच्चों को भी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं निःशुल्क मिल सकेंगी।

*जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा है व्यापक विस्तार*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिसंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए गए हैं।जिले को कुनकुरी मेडिकल कॉलेज – मुख्यमंत्री साय के पहले बजट में कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की घोषणा कर जिले का दशकों पुराना सपना पूरा हुआ।प्रथम चरण में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत।संचालन हेतु 90 पदों की स्वीकृति दी गई।चराईडांड में भवन निर्माण हेतु भूमि चिन्हांकित भी की गई है।अस्थायी रूप से राजा देवशरण जिला चिकित्सालय में संचालन की प्रक्रिया जारी।जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय, जशपुरनगर – 35 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य प्रगति पर।सीटी स्कैन, आधुनिक आपातकालीन चिकित्सा सहित उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गिनाबहार मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) – गर्भवती माताओं व नवजात शिशुओं के लिए उच्च स्तरीय सुविधा केंद्र निर्माणाधीन।
नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना – स्वास्थ्य शिक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम।कुनकुरी में डायलिसिस केंद्र शुरू – किडनी से पीड़ित मरीजों को मिल रही है निःशुल्क डायलिसिस सेवा।जिले में6 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उन्नत किया गया, वहीं जिले में एंबुलेंस की संख्या में वृद्धि और चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति से सेवा पहुंच में तेजी आई है।मुख्यमंत्री साय की इस संवेदनशील पहल से स्पष्ट है कि सरकार जशपुर को प्रदेश का स्वास्थ्य सेवा मॉडल जिला बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। सत्यसाईं ट्रस्ट के अस्पताल की स्थापना से अब आदिवासी अंचल में भी विश्वस्तरीय उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी वह भी पूरी तरह निःशुल्क और सेवा भावना के साथ।

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