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मुआवजा राशि की तुलना नौलखा हार से करना शर्मनाक,भाजपा ने कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव लेतफलांग पर साधा निशाना,प्रेस कांफ्रेंस कर झूठ और शव की राजनीति करने का लगाया आरोप

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जशपुरनगर। प्रदेश सरकार द्वारा जुरूडांड़ सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को दिये गए मुआवजे की तुलना नौ लखा हार से करना शर्मनाक है। नौलखा हार मांगलिक और खुशियों का प्रतीक है। इस संकट और शोक की घड़ी में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव जरिता लेतफलांग द्वारा इस तरह का बयान कांग्रेस की जनभावना विहिन संस्कृति को प्रदर्शित करती है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जशपुर की विधायक रायमुनि भगत ने उक्त बातें कही। वे जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन में आयोजित भाजपा के पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थी। रायमुनि भगत ने कहा कि जुरूडांड़ में हुई भीषण सड़क दुर्घटना की सूचना पर वे रात को ही मौके पर पहुंच गई थी। उनके साथ पुलिस,जिला प्रशासन और भाजपा के कार्यकर्ता घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उनके स्वजनों को दिलासा देने में लगे हुए थे। विधायक भगत ने आरोप लगाया कि इस संकट की घड़ी के सबसे अहम बारह घंटे तक कांग्रेसी कही नजर नहीं आए। घटना के दूसरे दिन मृतकों के शव पर राजनीति करने कांग्रेसी पहुंचे। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव लेतफलांग द्वारा दिये गए बयान पर निशाना साधते हुए उन्होनें कहा नियम के अनुसार घटना में पीड़ितों को तात्कालिक सहायता के रूप में 25000 रूपये दिया जाता है। लेकिन कांग्रेसियों को यह भी किश्त की राशि है। इससे पता चलता है कि कांग्रेसी किस मानसिकता के लोग हैं। उन्होनें जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन का मोल धन दौलत से नहीं चुकाया जा सकता। महत्वपूर्ण यह होता है कि पीड़ित परिवार को संकट की घड़ी में किस प्रकार सांत्वना और सहायता दी जा रही है। प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित पत्थलगांव की विधायक गोमती साय ने कहा कि जिस पत्थलगांव घटना में दिए गए 50 लाख की मुआवजा राशि को लेकर कांग्रेसी शोर मचा रहे हैं,वह तात्कालिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खिरी में छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को अपने राजनीतिक स्वार्थपूर्ती के लिए लुटाने और गांजा तस्करी को संरक्षण से उपजे जनाक्रोश का परिणाम था। पत्थलगांव के पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा की मांग पत्थलगांव की जनता की थी। जुरूडांड़ मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित पूरी सरकार,जिला प्रशासन और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सेवाभावना से पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम किया। जबकि कांग्रेस मृतकों व घायलों के परिवारों की भावनाओं को आहत करते हुए शव की शर्मनाक राजनीति कर रही है। पत्रकारवार्ता में भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय,जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष साालिक साय,पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, जिला मंत्री संतोष सिंह, जिला मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान, कार्यालय प्रभारी शरद चौरसिया, कृपा शंकर भगत, शारदा प्रधान, विजय सहाय, सज्जु खान, भूषण वैष्णव, राजकिशोर जायसवाल उपस्थित थे।
नहीं हुई किसी महिला की गिरफ्तारी –
पत्रकारवार्ता में भाजपा की दोनो महिला विधायक रायमुनि भगत और गोमती साय ने कांग्रेस के उस आरोप को झूठा बताते हुए खारिज कर दिया,जिसमें उन्होनें महिला डीडीसी आशिका कुजूर को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया था वह स्वेच्छा से पुलिस बस में सवार हुई थी। सूर्यास्त के बाद महिला को थाना नहीं लाने की नियम की जानकारी दिया गया था। यह पूरा पुलिस के रोजनामचा में दर्ज है। इसके बाद भी कांग्रेस झूठ की राजनीति करने में तुली हुई है।
पीड़ितों को मरहम ना लगाना कांग्रेस की आदत –
पत्रकारवार्ता में भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान भी जशपुर के तात्कालिन विधायक विनय भगत दुर्घटना में पीड़ितों केपास नहीं पहुंचते थे। पत्रकार वार्ता में भाजपा ने जरूडांड़ के ही महेश्वर यादव को मिडिया के सामने लेकर आई। महेश्वर ने बताया कि 10 अक्टूबर 2020 को घर के सामने स्थित बिजली के खंबे में करंट प्रवाहित हो जाने से उनके पिता जोधन राम और मां प्रेमी बाई का निधन हो गया था। वे स्वयं भी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होनें फोन करके तात्कालिन विधायक विनय भगत को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन विधायक या उनका कोई प्रतिनिधि जुरूडांड़ नहीं पहुंचा। और ना ही उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया। महेश्वर यादव ने बताया कि सोमवार को जब उन्होनें इस संबंध में पूर्व विधायक विनय भगत से बात की तो उन्होनें चुप्पी साध ली।
मृतक विपिन के पिता ने लगाएं गंभीर आरोप –
भाजपा के प्रेस कांफ्रेंस में जुरूडांड़ सड़क दुर्घटना में मृत 17 वर्षीय नवयुवक विपिन प्रजापति के पिता देव नारायण भी उपस्थित थे। उन्होनें मिडिया को दिये गए बयान में आरोप लगाया कि घटना के दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद वे अपने मृतक बेटे का अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम पहुंच गए थे। विपिन के पार्थिव शरीर को चिता में रखा जा चुका था तो कुछ कांग्रेसी मुक्तिधाम पहुंचे और 50 लाख मुआवजा दिलाने की बात कहते हुए अंतिम संस्कार रोकने को कहा लेकिन उन्होनें कांग्रेसियों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। देवनारायण ने कहा कि जब बेटा से बढ़ कर रूपया नहीं है।

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Author: The Prime News

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