जशपुर। जिले में फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन अंकुश के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2019 में डकैती और हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में 6 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी उमेश यादव (32 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को उसके ससुराल ग्राम कईकछार, थाना जशपुर से गिरफ्तार किया गया।
जशपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों के माध्यम से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। आरोपी लंबे समय से हैदराबाद में छुपकर काम कर रहा था, जिसे पकड़ने पुलिस की टीम दो बार वहां गई थी, पर हर बार आरोपी फरार हो गया था। लेकिन इस बार उसकी लोकेशन जैसे ही ससुराल में पाई गई, पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उसे धरदबोचा।
घटना 27 सितंबर 2019 की रात की है, जब चौकी करडेगा क्षेत्र के ग्राम धुरीअंबा निवासी 56 वर्षीय सोमारु राम के घर आधी रात को छह नकाबपोश बदमाश घुस आए थे। इन लोगों ने जबरन घर में घुसकर रुपये की मांग की और विरोध करने पर सोमारु राम के पेट में चाकू मार दिया था। ग्रामीणों ने एक बदमाश को मौके पर पकड़कर पुलिस को सौंपा था।
चौकी करडेगा पुलिस ने इस मामले में धारा 307, 450, 398 व 34 IPC के तहत अपराध दर्ज किया था। विवेचना के दौरान दो आरोपी मुन्ना राम (बिहार निवासी) और शिव कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। तब से आरोपी उमेश यादव फरार था।
टेक्निकल टीम और पुलिस का समन्वित प्रयास:
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस ने तकनीकी टीम के साथ काम किया। आरोपी की लोकेशन बार-बार बदलने के बावजूद इंस्पेक्टर मोरध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी और प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा समेत टीम के सदस्यों ने लगातार निगरानी बनाए रखी। आखिरकार सूचना के आधार पर जब वह अपने ससुराल आया, तो SI भागवत नायर और टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि –
> “जिले में ऑपरेशन अंकुश के तहत ऐसे सभी फरार आरोपियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है। उमेश यादव की गिरफ्तारी इसी अभियान की एक कड़ी है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
गिरफ्तारी में प्रमुख भूमिका:
निरीक्षक मोरध्वज देशमुख
उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी
SI भागवत नायर
प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा
आरक्षक अनिल सिंह, अनूप भगत
प्रधान आरक्षक भगत राम गोरे




