जशपुर। पुलिस अधिकारी की पहचान केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से नहीं होती, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों के साथ उसके व्यवहार और संवेदनशीलता से भी होती है। जशपुर के एसडीओपी चंद्रशेखर परमा ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसी ही कार्यशैली से लोगों के बीच अलग पहचान बनाई। कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ उन्होंने कई मौकों पर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में घायलों की मदद कर पुलिस के मानवीय चेहरे को भी सामने रखा। अब छत्तीसगढ़ शासन के स्थानांतरण आदेश के तहत वे एसडीओपी सरायपाली के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि निमितेश सिंह जशपुर के नए एसडीओपी होंगे।
जशपुर में पदस्थापना के दौरान चंद्रशेखर परमा ने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया। कई सड़क दुर्घटनाओं में वे स्वयं घटनास्थल पहुंचे और एम्बुलेंस के पहुंचने की प्रतीक्षा किए बिना गंभीर घायलों को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाकर समय पर उपचार सुनिश्चित कराया। कई मामलों में उन्होंने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से तत्काल इलाज शुरू कराया और घायल के परिजनों के पहुंचने तक आवश्यक सहयोग भी दिया। ऐसे अनेक अवसरों पर उनकी तत्परता लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई और आम नागरिकों के बीच उनकी एक संवेदनशील पुलिस अधिकारी की छवि बनी।
उनकी कार्यशैली केवल दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं रही। वे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने, पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने, थाना स्तर पर प्रभावी समन्वय बनाने तथा पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम करने के लिए भी जाने जाते रहे। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और जनसंपर्क को मजबूत बनाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ टीम भावना से काम करना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही।
छत्तीसगढ़ शासन, गृह (पुलिस) विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर के आदेश क्रमांक ESTB-102(2)/528/2026 दिनांक 20 जुलाई 2026 के अनुसार एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा का स्थानांतरण एसडीओपी सरायपाली के पद पर किया गया है। वहीं नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन), बिलासपुर निमितेश सिंह को एसडीओपी जशपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।
स्थानांतरण के उपलक्ष्य में पुलिस कार्यालय जशपुर में गरिमामय विदाई एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, एसडीओपी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस विभाग के
अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने चंद्रशेखर परमा के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, जनसंपर्क और प्रभावी पुलिसिंग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए आभार व्यक्त करते हुए नई पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने नवपदस्थ एसडीओपी निमितेश सिंह का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव और नेतृत्व में जशपुर अनुविभाग में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने अपेक्षा जताई कि वे आमजन से बेहतर संवाद स्थापित करते हुए अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, त्वरित पुलिस कार्रवाई तथा जनहित में उत्कृष्ट पुलिसिंग को प्राथमिकता देंगे।
नवपदस्थ एसडीओपी निमितेश सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा व्यक्त विश्वास के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे जशपुर की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने, कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास को और सुदृढ़ करने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
जशपुर में चंद्रशेखर परमा की विदाई केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि ऐसे अधिकारी को सम्मान देने का अवसर बनी, जिसने अपनी सादगी, संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना से पुलिस वर्दी की गरिमा को नई पहचान दी। अब लोगों को उम्मीद है कि सरायपाली में भी वे इसी समर्पण और मानवीय सोच के साथ पुलिसिंग का नया अध्याय लिखेंगे




