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राजनीति : कॉंग्रेस पार्टी का जशपुर जिले के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार रहा है,अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर आज तक कॉंग्रेस के उपेक्षित सौतेले व्यवहार के उदाहरण से जशपुर का इतिहास भरा पड़ा है कृष्ण कुमार राय,

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जशपुरनगर- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिलासपुर सम्भाग के संगठन प्रभारी कृष्ण कुमार राय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कॉंग्रेस पार्टी का जशपुर जिले के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार रहा है। अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर आज तक कॉंग्रेस के उपेक्षित सौतेले व्यवहार के उदाहरण से जशपुर का इतिहास भरा पड़ा है। इसका ताजा उदाहरण जशपुर के पवित्र स्थल सरधापाठ में बाक्साइट उत्खनन के लिए 22 सितम्बर की जनसुनवाई का है। सरधापाठ हम जशपुर वासियों के लिए पवित्र ग्राम है। यहीं वनवासी संस्कृति के रक्षक सन्त गहिरा गुरु की तपोस्थली है। इसलिए यह स्थल केवल जशपुरवासियों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि पूरे विश्व में धर्म और संस्कृति में आस्था रखने वालों की श्रद्धा, विश्वास  और आस्था का केंद्र है। और ऐसे पवित्र स्थल में बाक्साइट उत्खनन के लिए जनसुनवाई की तारीख के ऐलान के पीछे, किसी छुपे हुए  षड्यंत्र से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश में 15 साल की सरकार  रही। 15 सालों की भाजपा की सरकार ने  जिले की संस्कृति,  वन और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले किसी भी उद्योग, खदान खोलने की प्रक्रिया शुरु करने की अनुमति नहीं दी। एक भी जनसुनवाई नहीं हुई। जनभावना का हमेशा सम्मान किया। लेकिन कॉंग्रेस की चार सालों की सरकार में, जिले में जनसुनवाई की दो  घटनाएं इस बात का प्रमाण है कि उन्हें जिले के वन, पर्यावरण, जनभावना और संस्कृति की कोई चिंता नहीं है।
श्री राय ने यह भी कहा कि जिले के तीनों विधायक कॉंग्रेस के हैं, उन्हें जिले की जनता ने विधानसभा में अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा है। प्रदेश में कॉंग्रेस की सरकार है। शासन- प्रशासन उनका है। ऐसे में बिना तीनों विधायकों की जानकारी और सहमति  के जनसुनवाई की तारीख की घोषणा होना समझ के परे है।  प्रदेश की कॉंग्रेस सरकार में या तो जशपुर के तीनों विधायकों का कोई महत्व नहीं है या फिर ये क्षेत्र की संस्कृति, जनभावना और लोकहित के मुद्दे शासन-प्रशासन को समझा ही नहीं पा रहे हैं। ऐसा कैसे हो सकता है कि  प्रशासन और सरकार,  स्थानीय विधायक और वो भी सत्ताधारी दल के, की बात सुने बिना कोई निर्णय ले ले।
श्री राय ने हमारे प्रतिनिधि से यह भी कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी ने सरधापाठ में बाक्साइट उत्खनन की जनसुनवाई का विरोध किया, उसके बाद  भाजपा के दबाव में आकर और  जनता के सामने अपनी खुली पोल को ढंकने के लिए, कॉंग्रेस के जिले के विधायकों  ने बाक्साइट उत्खनन के विरोध में बयान दिए हैं। पर उनका दोहरा चरित्र जनता के सामने, एक बार फिर उजागर हो चुका है।
श्री राय ने यह भी  कहा की वो जशपुर के तीनों विधायकों से अपील करते हैं कि  जिला प्रशासन और प्रदेश के कॉंग्रेस के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को हमारे वनवासी सन्त गहिरा गुरु की तपोस्थली, क्षेत्र की संस्कृति, वन, पर्यावरण, जैव विविधता, जनभावना से अवगत करावें और सरधापाठ में होने वाली जनसुनवाई को 4 सितम्बर के पहले निरस्त करने का आदेश जारी करवाएं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो 4 सितम्बर को बगीचा के सरधापाठ में   भारतीय जनता पार्टी,  अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉंग्रेस की सरकार और जिला प्रशासन की होगी।

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Author: The prime news

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