जशपुरनगर, 12 नवंबर 2025।
राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद रायपुर के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी एवं राष्ट्रीय बाल विज्ञान मेला, विज्ञान नाटिका और अन्य प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मंगलवार को जशपुर जिले के स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में हुआ। यह आयोजन 12 से 15 नवंबर तक चार दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राएं अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
समारोह का शुभारंभ नगर पालिका परिषद जशपुर के अध्यक्ष अरविंद राम भगत के मुख्य आतिथ्य एवं जनपद पंचायत जशपुर के अध्यक्ष गंगाराम भगत की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। तत्पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। सरस्वती वंदना व्याख्याता राजेंद्र प्रेमी और उनके सहयोगियों द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसके पश्चात विभिन्न जोनों से आए प्रतिभागियों के स्वागत में स्वागत गान प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद के अतिरिक्त संचालक जे.पी. रथ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सहायक संचालक के.के. शुक्ला भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
जशपुर कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी विश्वासराव मस्के ने स्वागत भाषण में कहा कि विज्ञान मानव जीवन को निरंतर नवीनता और प्रगति की दिशा में अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करते हैं और उन्हें विश्वगुरु भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं।
अतिरिक्त संचालक जे.पी. रथ ने अपने उद्बोधन में भारत के प्राचीन विज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच तुलनात्मक चर्चा की और बताया कि भारत का वैज्ञानिक इतिहास सदैव गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान जीवन का अभिन्न अंग है, और इसे व्यवहारिक रूप में अपनाने की आवश्यकता है।
जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत ने अपने संबोधन में रामायण और महाभारत काल के वैज्ञानिक दृष्टांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने उस समय भी विज्ञान को जीवन का हिस्सा बनाया था। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि वे स्वयं इसी विद्यालय के विद्यार्थी रह चुके हैं और आज मुख्य अतिथि के रूप में इसी मंच पर आना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने सभी जिलों से आए प्रतिभागियों और उनके शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि अरविंद राम भगत ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे दैनिक जीवन से जोड़कर नए प्रयोग और नवाचार करना ही सच्चा विज्ञान है। उन्होंने विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच अपनाने और समाज के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में डायट प्राचार्य एम.जे.यू. सिद्दीकी द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। आभार प्रदर्शन के साथ उद्घाटन समारोह का समापन हुआ।
आयोजन के तहत 12 नवंबर को छात्र-छात्राओं का प्रश्न मंच और विज्ञान नाटिका प्रतियोगिता संपन्न की जाएगी। वहीं 13 और 14 नवंबर को राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी एवं विज्ञान मेला का आयोजन विद्यालय परिसर में विभिन्न कक्षाओं में किया जाएगा।
इसके अलावा 14 नवंबर को डायट जशपुर में बी.एड., डी.एल.एड. और एम.एड. के विद्यार्थियों के बीच प्रश्न मंच, संगोष्ठी और अन्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
यह चार दिवसीय आयोजन जशपुर जिले में न केवल वैज्ञानिक उत्साह का केंद्र बनेगा, बल्कि बाल वैज्ञानिकों की रचनात्मक सोच और प्रयोगशीलता को भी नई दिशा प्रदान करेगा।




