जशपुर चार सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिलेभर के शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। शहर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित इस आंदोलन में जिले के सभी आठों विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। आंदोलन के बाद शिक्षकों ने रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए फेडरेशन के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान जारी ‘मोदी की गारंटी’ में सहायक शिक्षकों की वेतनमान विसंगति को दूर कर समान क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया गया था, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षकों के साथ अन्याय है और सरकार को अपने वादों पर अमल करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि फेडरेशन द्वारा राज्य सरकार से चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर समस्त लाभ प्रदान करना, एलबी शिक्षकों को सभी वैधानिक सुविधाएं देना, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना तथा स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था को खत्म करना शामिल है।
फेडरेशन के जिला उपाध्यक्ष मनोज अम्बस्ट ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलन के अगले चरण में प्रदेश स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, इसके बाद संगठन के उच्च पदाधिकारी आगे की रणनीति तय करेंगे।
धरना समाप्ति के पश्चात शिक्षकों ने रणजीता स्टेडियम से रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आंदोलन को समाप्त किया गया।
इस आंदोलन में जिला संरक्षक मोहम्मद कायम अली, सम्पति साय पैंकरा, भूपेन्द्र खुंटिया, ममता बंजारा, जिला सलाहकार कमला भगत, अजीत सिंह सिदार, सुमन भगत, महासचिव पंकज बेहरा, मेराज अंसारी, रवि गुप्ता, सरस्वती जगत, जिला उपाध्यक्ष मनोज अम्बस्ट, सीमा गुप्ता, सागर प्रसाद यादव सहित फेडरेशन के अनेक पदाधिकारी और जिलेभर से आए शिक्षक उपस्थित रहे।







