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जशपुर में ‘खाता किराए पर योजना’ का काला सच, “ATM दिया चाचा को, चाचा ने पहुंचा दिया रांची – रैकेट का पर्दाफाश”

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जशपुर, छत्तीसगढ़

यह कहानी सिर्फ एक खाते की नहीं है — यह कहानी है लालच के जाल में फंसे दो ऐसे युवकों की, जिन्होंने कुछ रुपयों के बदले अपना बैंक खाता बेच दिया… और अब वे सलाखों के पीछे हैं।

🔸 किराए का खाता, किराए की नियत

साइबर ठगी का चेहरा बदल रहा है। अब अपराधी खुद सामने नहीं आते, वे छुपे रहते हैं – और उनके लिए काम करते हैं “म्यूल अकाउंट होल्डर्स”, यानी ऐसे लोग जो अपने बैंक खाते और उससे जुड़ी सुविधा (जैसे एटीएम, मोबाइल OTP) किराए पर देते हैं। बदले में उन्हें मिलते हैं कुछ हजार रुपये… और साथ में अपराध की साझेदारी।

जशपुर में ऐसी ही एक चौंकाने वाली कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है — सुभाष केरकेट्टा और नीरज रतन टोप्पो। पुलिस की जांच में ये दोनों म्यूल अकाउंट गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में सामने आए हैं।

🔸 एक खाते से खुली अपराध की परतें

जशपुर शहर की महाराष्ट्र बैंक शाखा में खाता संख्या 6049174249 में ₹1 लाख का संदिग्ध लेन-देन हुआ। बैंक की सूचना और साइबर शाखा की तकनीकी जांच में पता चला कि यह ट्रांजेक्शन ठगी से जुड़ा हो सकता है। खाते का मालिक – 25 वर्षीय सुभाष केरकेट्टा, निवासी गिरांग – को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में सुभाष ने कबूल किया कि उसने एक साल पहले खाता खुलवाया और उसका ATM कार्ड व अन्य डिटेल्स अपने रिश्ते के चाचा नीरज रतन टोप्पो को दे दिए। इसके बदले उसे नगद भुगतान भी मिला।

🔸 मोबाइल पर हुई डील, बस से पहुंचा एटीएम रांची

पुलिस ने जब नीरज टोप्पो (43 वर्ष, निवासी ग्राम कोपा, थाना सन्ना) को पकड़ा, तो उसने हैरान करने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि खाते की सारी जानकारी और ATM कार्ड उसने बस से रांची भेजे। जिसे भेजा, उससे उसकी कभी मुलाकात नहीं हुई — सिर्फ मोबाइल कॉल्स पर बात होती थी। यानी यह एक अनदेखा- अनजाना नेटवर्क था, जिसमें स्थानीय लोग सिर्फ उपकरण बन चुके थे।

🔸 ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल हुई ठगी की राशि

जांच में यह भी सामने आया कि जिस ₹1 लाख की रकम का लेन-देन हुआ था, वह किसी तीसरे व्यक्ति से साइबर ठगी करके प्राप्त की गई थी। यह पैसा म्यूल अकाउंट में डाला गया, फिर वहां से कहीं और ट्रांसफर हुआ। यानी बैंक खाता, एक “डमी अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल हो रहा था — असली अपराधी तो परदे के पीछे है।

🔸 अब तक तीन थानों में हो चुकी है कार्रवाई

इस मामले ने पुलिस को सतर्क कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में म्यूल अकाउंट विरोधी ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इससे पहले भी दुलदुला, कुनकुरी और पत्थलगांव थाना क्षेत्रों में म्यूल अकाउंट से जुड़े मामलों में अपराध दर्ज कर दो और आरोपियों को जेल भेजा गया है।

🔸 दर्ज किया गया अपराध, आरोपी सलाखों के पीछे

सिटी कोतवाली जशपुर में दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराएं —
🟠 धारा 318(2) – अवैध वित्तीय सहयोग
🟠 धारा 318(4) – साइबर फ्रॉड में भागीदारी
🟠 धारा 61(2) – आर्थिक अपराध में उपयोगी माध्यम बनना
के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा: खाता किराए पर देना सिर्फ अनैतिक नहीं, अपराध है। ऐसा करने वाले लोग, भले ही सीधे ठगी न कर रहे हों, लेकिन अपराधियों के लिए संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे सभी संदिग्ध खातों की पहचान की जा रही है, जल्द ही और भी सख्त कार्रवाई होगी।”

 

🔸खाता आपका है, अपराध भी आपका ही माना जाएगा

जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम, या मोबाइल OTP किसी और को न सौंपें। ऐसा करने पर वे भी अपराध की श्रृंखला में भागीदार माने जाएंगे।

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Author: The Prime News

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