रायपुर, द प्राइम न्यूज नेटवर्क। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले कोमाखान में ऐतेहासिक राधाकृष्ण मंदिर से भगवान के श्रृंगार के लिए रखे गए पांच चांदी के मुकुट गायब हो गए हैं। सूचना पर पुलिस ने मंदिर के महंत के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। कोमाखान,राजपरिवार के सदस्य थियेन्द्र प्रताप सिंह ने पुलिस को दिए गए तहरीर में बताया है कि इस मंदिर का निर्माण 1858 में उनके पूर्वजों ने करवाया था। इस दौरान मंदिर में रखे हुए भगवान श्रीकृष्ण सहित सभी मूर्तियों के श्रृंगार के लिए चांदी के पांच मुकुट का निर्माण भी कराया गया था। इन मुकुट का वजन तकरीबन पांच किलो है। मंदिर की देखरेख और संचालन के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया गया है। ट्रस्ट में मंदिर की देखरेख और पूजा के लिए एक महंत की नियुक्ति की है। इन दिनों दीपक दास पिता रामशरण,महंत की जिम्मेदारी सम्हाल रहे हैं। प्रार्थी के मुताबिक महंत दीपक ने वर्ष 2012—13 में चांदी के मुकुट को गिरवी रख दिया था। मामले का पता चलने पर,जब उस पर दबाव बनाया गया तो वह गिरवी रखे हुए मुकुट को छुड़ा कर मंदिर में वापस लाया था। उन्होनें बताया कि 2019 के रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ का इन मुकुटों से श्रृंगार कर,रथयात्रा निकाला गया था। 2020 में कोरोना संकट की वजह से रथयात्रा का आयोजन नहीं किया गया था। 20021 में शर्तों के साथ रथयात्रा निकालने की अनुमति मिलने पर,जब आयोजन समिति की बैठक हुई तो महंत दीपक दास से समिति ने मुकुट के संबंध में पूछताछ की तो वह टालमटोल करने लगा। समिति के सदस्यों द्वारा लगातार पूछने पर भी महंत कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। शिकायत की जांच के बाद कोमाखान,पुलिस ने संदेही महंत,दीपक दास के खिलाफ धारा 406 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।




