कोरबा के शांतिनगर क्षेत्र में एक युवक और उसके साथी पर 12 से 15 अज्ञात हमलावरों ने रॉड, चाकू और तलवार जैसे धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। यह गंभीर वारदात फोन पर लगातार गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी मिलने के बाद हुई। हमलावर रात के समय 8 से 10 बाइकों पर सवार होकर घटनास्थल पर पहुंचे थे। यह पूरा मामला बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने कुछ आरोपियों को पकड़ा है और अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शांतिनगर निवासी कुणाल आजाद (21) ने शिकायत दर्ज कराई है कि 22 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे उसके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से फोन आने शुरू हुए। फोन करने वाले लगातार उसे गाली-गलौज कर रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। कुणाल ने कई बार उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन धमकियों का सिलसिला जारी रहा।
धमकी भरे फोन कॉल का यह क्रम रात करीब 1 से 1: 30 बजे तक चलता रहा, जिसके बाद फिर से एक फोन आया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इसके ठीक बाद, रात करीब 1: 30 से 2 बजे के बीच, 12 से 15 लोग 8 से 10 बाइकों पर सवार होकर शांतिनगर पहुंच गए। ये सभी हमलावर डंडे, रॉड, चाकू और तलवार जैसे घातक हथियारों से लैस थे।
आरोपियों ने पहुंचते ही कुणाल आजाद पर हमला कर दिया। उन्होंने कुणाल के गले पर वार करने की कोशिश की, जो एक जानलेवा हमला हो सकता था। कुणाल ने किसी तरह अपना बचाव किया। इस दौरान कुणाल के परिवार के सदस्य बीच-बचाव करने के लिए आगे आए, जिसके कारण उसकी जान बच सकी और हमलावर अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए।
हमलावरों ने कुणाल को बचाने आए उसके साथी खिलेश साहू पर भी बेरहमी से हमला किया। खिलेश साहू पर भी डंडे, रॉड, चाकू और तलवार से वार किए गए। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए खिलेश को भी हमलावरों से बचाया, जिससे उसे गंभीर चोटों से बचाया जा सका। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। कुणाल आजाद की शिकायत पर बांकीमोंगरा थाने में मामला दर्ज किया गया। घटना स्थल का निरीक्षण करने के लिए एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी बुलाया गया, जिसने महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमनगर निवासी रौनक सिंह (24) को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इसके अतिरिक्त, एक नाबालिग आरोपी को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल किए गए दो चाकू और पांच बाइकों को भी जब्त किया है, जो आरोपियों द्वारा वारदात में उपयोग की गई थीं।
इस पूरे मामले की जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बांकीमोंगरा थाने में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) के बेटे का नाम भी इस हमले में शामिल होने के तौर पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एएसआई के बेटे को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था, हालांकि उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
पुलिस अब इस जानलेवा हमले में शामिल अन्य सभी आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। मामले में आगे की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



