सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बीच साइबर ठगों ने नई ठगी शुरू कर दी है। एसआईआर फॉर्म भरने के नाम पर लोगों के मोबाइल पर आए ओटीपी की मांग करके ठगी करने की कोशिश हो रही है। इस उभरते साइबर अपराध को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
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एसआईआर का बहाना बनाकर सक्रिय साइबर ठग – डीआईजी व एसएसपी ने किया आगाह
एसआईआर फॉर्म भरने वाले मतदाताओं और नागरिकों को निशाना बनाने के लिए साइबर अपराधी फोन कॉल कर रहे हैं। यह कॉल करने वाले व्यक्ति स्वयं को अधिकारी या एसआईआर टीम का सदस्य बताकर कहते हैं—
“आपके एसआईआर से जुड़े मोबाइल नंबर पर जो ओटीपी आया है, वह हमें बता दीजिए।”
यहां से ठगी की शुरुआत होती है। एक बार ओटीपी साझा करते ही बैंकिंग, मोबाइल एप, ई-वॉलेट और व्हाट्सऐप सहित कई डिजिटल अकाउंट खतरे में आ सकते हैं।
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डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने स्पष्ट निर्देश दिए—
अगर कोई व्यक्ति ओटीपी मांगने के लिए फोन करे तो तुरंत मना कर दें।
अगर वह दबाव बनाए, धमकाए या जोर दे तो नजदीकी पुलिस थाने में तुरंत सूचना दें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है।
इसलिए कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ नागरिकों से ओटीपी नहीं मांगता।
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एसआईआर फॉर्म में मोबाइल नंबर देना सुरक्षित, लेकिन सतर्क रहें
एसएसपी ठाकुर ने कहा कि एसआईआर फॉर्म में मोबाइल नंबर देना पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन साइबर अपराधी तकनीकी जानकारी का लाभ उठाकर ठगी की कोशिश कर सकते हैं।
ठग ओटीपी भेजकर फोन पर पूछते हैं और साझा करते ही साइबर फ्रॉड अंजाम दे सकते हैं।
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नागरिकों से अपील
अपने मोबाइल फोन पर आने वाला ओटीपी किसी भी अज्ञात व्यक्ति को न बताएं।
किसी संदेहास्पद कॉल पर विश्वास न करें।
ऐसी किसी घटना की तुरंत पुलिस में शिकायत करें।
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सावधान रहें – जागरूक रहें – सुरक्षित रहें एसआईआर परामर्श, सत्यापन और फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है और इसके लिए किसी ओटीपी की आवश्यकता नहीं पड़ती।






