दुर्ग। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कातुलबोर्ड, भिलाई क्षेत्र में लुक एंड साइन फैमिली सैलून के पास अवैध रूप से नशीली कैप्सूल और टेबलेट की बिक्री करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी युवाओं में नशे की लत फैलाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित मादक दवाएं बेच रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गठित संयुक्त पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दुर्ग की निवासी मनीषा मखीजा, संतोष चंद्राकर, सोमनाथ पाण्डेय और लिंगराज उर्फ सोनू यादव शामिल हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि नशीली दवाओं की बिक्री से प्राप्त राशि मनीषा मखीजा के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती थी। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 319 नग प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल और टेबलेट, एक एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG 07 BR 6209, तीन मोबाइल फोन, और बिक्री से प्राप्त ₹700 नकद बरामद किया। जब्त दवाओं में 35 स्ट्रिप में 274 नग स्पा-ट्रेनकन प्लस कैप्सूल और 3 स्ट्रिप में 45 नग अल्प्राजोलम टेबलेट शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹5,050 आंकी गई है। इसके अलावा स्कूटी और मोबाइल की कुल कीमत लगभग ₹70,000 बताई जा रही है।
आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(ख) और 27(क) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधु, सहायक उप निरीक्षक प्रमोद सिंह, एसीसीयू से एएसआई संतोष कुमार सिंह एवं आरक्षक क्रमांक 1464, 887, 1133, 629 तथा 521 की अहम भूमिका रही। पुलिस का यह कदम जिले में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में एक और मजबूत प्रयास साबित हुआ है।






