जशपुर, युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में 2008 के सेटअप से छेड़छाड़ के विरोध में जिले के शिक्षकों का आक्रोश फूट पड़ा है। शनिवार शाम को रणजीता स्टेडियम में आयोजित आपात बैठक में शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। साथ ही सोमवार से शुरू होने वाली युक्तियुक्तकरण की काउंसलिंग के बहिष्कार का भी ऐलान किया गया है।
संयुक्त मोर्चा में शामिल 23 शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार अगर 2008 के सेटअप को यथावत लागू नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
मोर्चा के जिला संचालक विनय कुमार तिवारी ने कहा कि सरकार युक्तियुक्तकरण के नाम पर 2008 के स्वीकृत सेटअप में मनमाने ढंग से फेरबदल कर रही है। इससे स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट में फंस जाएगी। उन्होंने कहा कि नए प्रस्तावित सेटअप में प्राइमरी स्कूलों में सिर्फ दो शिक्षक रह जाएंगे। यदि इनमें से कोई भी सरकारी कार्य या अवकाश पर हो, तो पूरा स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चलाना पड़ेगा, जो व्यवहारिक नहीं है
संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार तांडे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण की आड़ में प्रदेश भर के स्कूलों को धीरे-धीरे बंद करने और शिक्षकों के स्वीकृत पदों को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शिक्षकों की नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है।
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया, तो 15 जून से स्कूल खुलने पर भी शिक्षक स्कूल नहीं जाएंगे। मोर्चा के अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि रायपुर में एक दिवसीय धरने के माध्यम से सरकार को पहले ही आगाह किया गया था, लेकिन जब सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो शिक्षकों को हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा।
शिक्षकों के आक्रोश की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार रात 11 बजे वाट्सएप पर बैठक की सूचना डाली गई और शनिवार को रणजीता स्टेडियम में सैकड़ों शिक्षक एकत्र हो गए। तेज़ बारिश के बावजूद महिला शिक्षकों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।




