ब्रेकिंग जशपुर : ओबीसी महासभा ने 10 ज्वलंत मुद्दों सहित राष्ट्रीय जनगणना 2021 में ओबीसी की जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग, मांग पूरी नही होने पर दी आंदोलन की चेतावनी।

Picture of The prime news

The prime news

SHARE:

जशपुर द प्राइम न्यूज़ नेटवर्क। ओबीसी महासभा द्वारा दिए गए ज्ञापन में ओबीसी की जातिगत जनगणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे के साथ अन्य ज्वलंत मुद्दे को शामिल किया गया है ओबीसी महासभा के द्वारा सभी बिंदु पर तत्काल कार्यवाही की मांग की गई है ओबीसी महासभा देश के सबसे बड़े समुदाय के साथ सरकार के द्वारा अन्याय किए जा रहा है ओबीसी समाज के द्वारा भविष्य में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। इन तमाम बिंदुओं पर आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें ओबीसी महासभा के जिला उपाध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह विधिक मोर्चा के जिला अध्यक्ष जय नारायण प्रसाद जिला सचिव गोपाल रवानी राजेश गुप्ता भोला शंकर सोनी जिला सोशल मीडिया प्रभारी आनंद गुप्ता उपस्थित थे।

ओबीसी महासभा में पिछड़ा वर्ग के उत्थान प्रगति एवं कहीं-कहीं पर ओबीसी के साथ हो रहे अन्याय को रोकने हेतु महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन गृह मंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम आज जिला कलेक्टर जशपुर को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्यवाही हेतु 10 बिंदु पर मांग की गई है जिसमें 15 जुलाई 2021 को प्रदेश भर में सौंपे गये ज्ञापन पर किये गये कार्यवाही से अवगत कराये जाने का अनुरोध किया गया है ।छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 की धारा 17 (1) के प्रावधानों के तहत गठित स्थायी समिति में सामान्य वर्ग के जनप्रतिनिधि को शामिल किये जाने से ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ में आक्रोश व्याप्त है।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की भाँति एट्रोसीटी एक्ट ओबीसी के लिए भी लागू किये जाने का अनुरोध किया गया है। मण्डल कमीशन की अनुशंसा को पूर्णतः लागू किये जाने हेतु छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से मांग किये जाने का अनुरोध किया गया है। राष्ट्रीय जनगणना 2021 के जनगणना फार्मेट मे अशासकीय संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया गया है पांचवी अनुसूची में दिये गये प्रावधान ओबीसी के लिए भी लागू किये जाने की मांग औद्योगिक / उद्यमिता के क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की भांति ओबीसी के लिए अनुदान (सब्सीडी) का प्रावधान किए जाने की मांग की है
माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष क्वाटिफाइबल डेटा प्रस्तुत करने की मांग की है छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा आयोग को मध्य प्रदेश की भांति संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग की गई है लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के आदेश क / 259 / स्वा.आ.अ.मा. / 2021-22 रायपुर दिनांक 13 जुलाई 2021 के अनुसार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों हेतु 6826 पदों का सृजन किया गया है। उक्त पदों पर भर्ती हेतु अधिकांश जिला में शाला को इकाई मानकर विज्ञापन जारी किया गया है जिससे अधिकांश पद अनारक्षित श्रेणी में आने के कारण आरक्षित वर्गों के साथ अहित होगा। जिसमे मांग की गई है कि जिले को इकाई मानकर समेकित विज्ञापन जारी किया जाना उचित होगा।

ओबीसी महासभा द्वारा दिये गये प्रत्येक ज्ञापन में लगातार महत्वपूर्ण बिन्दु के रूप में ओबीसी की जातिगत जनगणना के मुद्दों शामिल किया गया, लेकिन आज पर्यन्त सरकार द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है जो कि देश के सबसे बड़े समुदाय के साथ अन्याय है ओबीसी महासभा ने कहां है की जातिगत जनगणना नहीं की जाती है तो भविष्य में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

The prime news
Author: The prime news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
और पढ़ें
error: Content is protected !!